प्रेम जाल में फंसाकर लड़कियों को बेचने का खुलासा, गिरोह की सरगना सहित पांच गिरफ्तार

मीनाक्षी पारीक 

जयपुर। राजस्थान पुलिस ने आदिवासी क्षेत्र की लड़कियों को बेचने और देह व्यापार में धकेलने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह की सरगना सहित पांच लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। राजस्थान के आदिवासी जिले डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ से क्षेत्र के गरीब परिवारों की लड़कियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही गुजरात और मुंबई में बेचने की बात भी सामने आई है।

पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह की सरगना लीला बेनी उर्फ मौसी आदिवासियों की लड़कियों को पहले तो 100 से 200 रुपये तक का लालच देकर देह व्यापार में धकेलती थी और फिर कुछ समय बाद उन्हें बेच देती थी। आदिवासी लड़कियों को 50 हजार से एक लाख रुपये में बेचकर विवाह कराया जाता था।पुलिस की जांच में सामने आया कि विवाह के बाद लीला बेनी लड़कियों को ससुराल से नकदी और जेवरात लेकर भागने के लिए कहती थी। कुछ लड़कियां तो लीला बेन की यह बात मान लेती थी और जो नहीं मानती उनके ससुराल में पूर्व में देह व्यापार में लिप्त होने की बात फैला देती थी। गिरोह में शामिल युवक आदिवासियों को प्रेम जाल में फंसाकर बेचने का काम भी करते थे। ऐसी ही एक पीड़िता की शिकायत पर उदयपुर जिले में पानरवा थाना पुलिस ने मंगलवार को लीला बेन और उसके पांच साथियों को गिरफ्तार किया है।पीड़िता ने आरोप लगाया कि उदयपुर जिले में टिंडोरी गांव निवासी विजेश नीनामा ने पहले तो विवाह का झांसा देकर उसे प्रेम जाल में फंसाया और फिर गुजरात के एक व्यक्ति को बेच दिया। मुश्किल से वह बचकर अपने गांव पहुंची और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस उप अधीक्षक शंभू सिंह ने बताया कि इस मामले में गुजरात के साबरकांठा जिले में सोनीसर निवासी महेन्द्र सिंह झाला,विजेश निनामा और लीला बेन सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, लड़कियों को मुंबई और गुजरात में बेचा जाता था।