85 हजार अंत्योदय-बीपीएल परिवारों को इस माह से 1 रु किलो गेहूं मिलेगा

गणेश योगी 

अंत्योदय व बीपीएल परिवारों को एक रुपए किलो गेंहूू देने की घोषणा से जिले में करीब 85 हजार परिवार लाभांवित होंगे। इन परिवारों के हर माह करीब 21 लाख और सालाना करीब ढाई करोड़ रुपए बचेंगे।

गौरतलब है कि जिले की 583 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से दो रुपए किलो गेहूं हर माह देती है। इसमें प्रति अंत्योदय परिवार को 25 किलो व बीपीएल,स्टेट बीपीएल परिवार को प्रति सदस्य पांच किलो हर माह दिया जा रहा है।

गत दिनों सीएम अशोक गहलोत ने गरीबों को और रियायत देते हुए अंत्योदय व बीपीएल परिवारों को हर माह प्रति किलो एक रुपए गेहूं देने की घोषणा की है। इसके आदेश रसद विभाग को दिए जा चुके हैं। यह व्यवस्था इस माह से शुरू हो गई। इससे जिले में करीब 84 हजार 912 अंत्योदय व बीपीएल परिवारों को एक रुपए किलो गेहूं मिलेंगे। सरकार ने राशन की दुकानों से खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गरीबों को हर माह मिल रहे दो रुपए किलो गेहूं अब अंत्योदय व बीपीएल परिवारों को छोड़कर अन्य को दो रुपए किलो मिलेगा। जिले में खाद्य सुरक्षा योजना में दो लाख 39 हजार 811 परिवार है। इनमें से करीब 18 हजार 399 अंत्योदय व 45 हजार 667 बीपीएल व 20 हजार 846 स्टेट बीपीएल हैं।

ऐसे में शेष बचे एक लाख 54 हजार 899 परिवारों को अभी भी दो रुपए किलो गेहूं मिलेगा।

21 लाख रुपए बचत की यूं समझे गणित:

जिले में अंत्योदय व बीपीएल, स्टेट परिवार 84 हजार 912 है। इन परिवारों को हर माह राशन की दुकानों से दो रुपए प्रति किलो के हिसाब से गेहूं मिलते हैं। इन पर सरकार का 21 लाख 18 हजार 600 किलो खपत होता है। इन गेहूं के बदले इन लोगों को दो रुपए प्रति किलो के हिसाब से 42 लाख 37 हजार 200 रुपए देने पड़ते थे। अब इस माह उपभोक्ता पखवाड़े में एक रुपए प्रति किलो के हिसाब से इन परिवारों को गेहूं मिलेगा। ऐसे में अब इन लोगों काे 21 लाख 18 हजार 600 रुपए खर्च होंगे। यानि कि अब इस नई व्यवस्था से 84 हजार 912 अंत्योदय व बीपीएल, स्टेट परिवार के 21 लाख 18 हजार 600 रुपए बचेंगे।

गरीबों को मिलेगा काफी लाभ: