शिवपाल का समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप, करोड़ों में बेचे जा रहे हैं टिकट

लखनऊ,  समाजवादी पार्टी में अहमियत न मिलने से खफा होकर अलग दल प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव ने सपा पर बेहद गंभीर आरोप जड़ा है। शिवपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि समाजवाद को दरकिनार कर लोकसभा चुनाव में दस से 25 करोड़ रुपया लेकर समाजवादी पार्टी में टिकट बेचा गया है।

शिवपाल सिंह यादव ने लखनऊ में कहा समाजवादी पार्टी में अब समाजवाद के सिद्धांत को बेचा जा रहा है। बाहर से आए नेताओं से दस, 15, 20 व 25 करोड़ रुपया देकर लोकसभा का टिकट दिया जा रहा है। समाजवाद की राह पर चलने वाला पार्टी का कार्यकर्ता कैसे इतनी बड़ी धनराशि एकत्र पर टिकट प्राप्त करेगा। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सपा से तो उन लोगों को टिकट दिया जा रहा है जो कि समाजवादी के बारे में कुछ भी जानते तक नहीं।

अखिलेश यादव तथा मुलायम सिंह यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अब तो समाजवाद के सिद्धांत को ताक पर रखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता तो अब रुपयों की गड्डी का चलन होने के कारण चुनाव लडऩे के बारे में तो सोच भी नहीं पाएगा। वह न तो चुनाव लड़ पाएगा और न ही जनप्रतिनिधि बन पाएगा। उसका सपना तो रुपयों की चकाचौंध में गुम हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमने प्रयास किया था कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का कांग्रेस के गठबंधन हो जाए, लेकिन कांग्रेस ने ध्यान नहीं दिया। हमारा प्रयास तो अभी भी कांग्रेस के साथ मिलकर भाजपा को सत्ता में आने से रोकने का ही है। उन्होंने कहा कि इस बीच हमने छोटे दलों के साथ मिलकर प्रोगेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस का गठन किया है। हम लोग प्रदेश की सभी 80 सीट पर अपने प्रत्याशी उतारेंगे।

शिवपाल ने घोषित की स्टार प्रचारकों की सूची, बेटे आदित्य समेत 20 लोग शामिल

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) ने भी लोकसभा चुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। सूची में पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव समेत 20 लोग शामिल हैं। इसमें उनके बेटे आदित्य यादव के अलावा शादाब फातिमा और पार्टी के प्रवक्ता सी पी राय का नाम भी शामिल है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव ने यह सूची जारी की। इस सूची में शिवपाल और आदित्य के अलावा सैयद शादाब फातिमा, शारदा प्रताप शुक्ला, राम नरेश यादव, सी पी राय, फरहत हसन खां और रघुराज सिंह शाक्य और समाजवादी चिंतक दीपक मिश्र का नाम शामिल है।