9 सीटों पर दावेदारों में होड़, सोनाराम और दीया समर्थक पहुंचे भाजपा दफ्तर

मीनाक्षी पारीक 

जयपुर. लोकसभा चुनावों के लिए शेष बची 9 सीटों को लेकर भाजपा में दावेदार बड़े नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं। अलवर, दौसा, बांसवाड़ा, राजसमंद, नागौर, चूरू, बाड़मेर, भरतपुर व करौली-धौलपुर सीट पर भाजपा ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। इनमें अलवर व दौसा को छोड़ शेष 7 सीटों पर भाजपा के ही सांसद हैं लेकिन ये सभी सीटें जातीय समीकरणों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं इसलिए यहां मौजूदा चेहरों को लेकर पार्टी में असमंजस भी है। यह माना जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर सीटों पर नए चेहरे लाए जाएंगे। ऐसे में मौजूदा सांसद अपने टिकट बचाने के लिए लॉबिंग में जुटे हैं वहीं नए दावेदार टिकट के लिए बड़े नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं।

बाड़मेर :  सांसद कर्नल सोनाराम- विधानसभा चुनावों में हार गए थे। इनका टिकट काटे जाने की चर्चा सबसे ज्यादा है। सोनाराम हर रोज पार्टी दफ्तर में बड़े नेताओं से मिलने आते हैं। शनिवार वे अपने साथ करीब 200 समर्थकों को भी लाए। सोना राम की जगह यहां से आईपीएस महेंद्र चौधरी का नाम भी दावेदारों में आ रहा है।

अलवर : सांसद करण सिंह यादव-कांग्रेस-उपचुनावों में यह सीट भाजपा हार गई थी। इस सीट से टिकट के लिए पूर्व विधायक जसवंत सिंह अपने पुत्र मोहित यादव के साथ शनिवार को पूर्व सीएम वसुंधरा राजे से उनके आवास पर मिले। इसके बाद यहां के पूर्व विधायक रामहेत यादव और मौजूदा विधायक संजय शर्मा भी राजे के आवास पहुंचे।

चूरू : मौजूदा सांसद राहुल कास्वां-इस सीट को लेकर काफी विरोध सामने आया है। उपनेता राजेंद्र राठौड़, विधायक सतीश पूनिया व खिलाड़ी देवेंद्र झांझड़िया का नाम भी यहां दावेदारों के रूप में सामने आ रहा है।

भरतपुर व करौली-धौलपुर: दोनों सीट जातीय समीकरणों में एक दूसरे को प्रभावित करती हैं। भरतपुर से बहादुर सिंह कोली व धौलपुर करौली से मनोज राजोरिया सांसद हैं। भाजपा के लिए यह सबसे ज्यादा चुनौती  वाली सीटें हैं। इनमें से एक सीट पर जाटव सा बैरवा समाज को टिकट देने को लेकर मंथन है। तीन जाटव व एक बैरवा दावेदार करौली-धौलपुर सीट से टिकट मांग रहे हैं। बयाना से विधानसभा चुनाव हार चुकी रितु बनावत भरतपुर संसदीय सीट से टिकट मांगने के लिए पार्टी नेताओं से मिल रही हैं।

राजसमंद: मौजूदा सांसद हरिओम सिंह राठौड़ ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। अब यहां से पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी व पूर्व विधायक दीया कुमारी की दावेदारी सामने आई है। दीया के समर्थन में राजसमंद के कार्यकर्ता भाजपा दफ्तर भी पहुंचे।

नागौर: सांसद सीआर चौधरी का टिकट बदलवाने की मांग को लेकर इस संसदीय सीट पूर्व विधायक यूनुस खान,श्रीराम भींचर, हरीश कुमावत, विजय सिंह चौधरी, मानसिंह किनसरिया, मंजू वाघमार शामिल हैं। सीआर चौधरी के अलावा 14 अन्य नेता इस सीट पर टिकट मांग रहे हैं।

दौसा: हरीश मीणा के भाजपा छोड़ने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। यहां से किरोड़ी के भाई जगमोहन मीणा, गोलमा देवी, ओमप्रकाश हुड़ला टिकट की लाइन में हैं। हालांकि हुड़ला ने विधानसभा चुनावों  में भाजपा छोड़ दी थी लेकिन अब वे भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं।

बांसवाड़ा: मानशंकर निनामा मौजूदा सांसद हैं। लेकिन भारतीय ट्राइबल पार्टी के प्रभाव के चलते यहां त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बन रही है इसलिए भाजपा यहां टिकट घोषित करने के लिए अभी इंतजार कर रही है। इसलिए यहां का पैनल भी अभी फाइनल नहीं है।

चुनाव लड़ने को आईजी महेन्द्र चौधरी ने वीआरएस मांगा

पुलिस अफसर भी वीआरएस लेकर कॅरियर राजनैतिक में  बनाने में जुटे हैं। आईपीएस मदन गोपाल मेघवाल के बाद अब लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पुलिस मुख्यालय क्राइम ब्रांच में तैनात आईजी महेन्द्र चौधरी ने वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है। चौधरी का पत्र सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। सूत्रों का दावा है कि चौधरी भाजपा से बाड़मेर लोकसभा सीट की दावेदारी कर रहे है। चौधरी का नाम विधानसभा चुनावों में भी उछला था, तब उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन नहीं किया था।

आईपीएस मदन मेघवाल ने एसपी पद से वीआरएस लेकर बीकानेर खाजूवाला विधानसभा सीट से दावेदारी की थी। मदन गोपाल मेघवाल ने कांग्रेस से टिकट मांगा था, लेकिन उनको टिकट नहीं मिला था। अब मदन गाेपाल मेघवाल कांग्रेस पार्टी से बीकानेर लोकसभा सीट से दावेदारी कर रहे हैं।