कांग्रेस का गजब दांव : रामटेक में कटा वासनिक का पत्ता, चंद्रपुर में धानोरकर को मौका

निताबेनिबॉगडे 

नागपुर। विदर्भ में लोकसभा के लिए उम्मीदवार चयन के लिए काफी उठापटक करती रही कांग्रेस ने अंतिम दौर में गजब का दांव चला है। रामटेक लोकसभा क्षेत्र से मुकुल वासनिक के बजाय किशोर गजभिये को उम्मीदवार घोषित किया है। चंद्रपुर में घोषित होने के बाद विनायक बांगडे का नाम काट दिया गया है। उनके स्थान पर बालू धानोरकर उम्मीदवार होंगे। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में इस क्षेत्र में 11 अप्रैल को मतदान किया जाएगा। इसके लिए उम्मीदवारों का नामांकन कल यानी सोमवार 25 मार्च काे दोपहर 3 बजे तक ही दाखिल कराया जा सकेगा। रामटेक व चंद्रपुर सीट के लिए उम्मीदवार चयन का मामला पिछले सप्ताह भर से चर्चा में था।

रामटेक से सांसद रहे मुकुल वासनिक कांग्रेस के महासचिव हैं। 2014 में केंद्रीय मंत्री रहते हुए वे शिवसेना उम्मीदवार से पराजित हुए थे। फिलहाल कांग्रेस की उम्मीदवार चयन समिति में वासनिक शामिल हैं। कहा जा रहा था कि संगठनात्मक कार्य की जिम्मेदारी के चलते वासनिक चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन उनके समर्थक उनसे चुनाव लड़ने की बार बार मांग कर रहे थे। इस बीच कांग्रेस अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष व राज्य के पूर्व मंत्री नितीन राऊत की दावेदारी की भी खबरें आयी। किशोर गजभिये पूर्व प्रशासनिक अधिकारी हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में वे उत्तर नागपुर से बसपा की टिकट पर लड़े थे। दूसरे स्थान पर रहे थे। उससे पहले विधानपरिषद की स्नातक निर्वाचन सीट पर भी उन्होंने दांव आजमाया था। रामटेक में भाजपा शिवसेना की ओर से सांसद कृपाल तुमाने को उम्मीदवार बनाया है। तुमाने गैर बौद्धिस्ट दलित वर्ग से हैं।

उधर चंद्रपुर में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री हंसराज अहिर को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। चंद्रपुर में कांग्रेस में गुटबाजी प्रभावी रही है। लिहाजा उम्मीदवार चयन के लिए कांग्रेस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पहले इस क्षेत्र के लिए कांग्रेस की ओर से विशाल मुत्तेमवार का नाम सामने आया। विशाल के पिता विलास मुत्तेमवार केंद्रीय राज्यमंत्री रहे हैं। विशाल मुत्तेमवार का बतौर उम्मीवार स्वागत भी किया गया। लेकिन उनका नाम घोषित नहीं हो पाया। सुरेश उर्फ बालू धानोरकर शिवसेना के विधायक रहे हैं। दो दिन पहले ही उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दिया है।चंद्रपुर से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर बांगडे का नाम घोषित होने पर काफी राजनीतिक हलचल मची थी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण को वीडियो बातचीत में तो यह कहते हुए सुना गया था कि उम्मीदवार चयन के लिए उनकी नहीं सुनी जा रही है। वे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मन स्थिति में हैं। अब कहा जा रहा है कि चव्हाण की नाराजगी दूर करने के लिए ही बांगडे का नाम काटकर धानाेरकर को उम्मीद