देर रात तक शराब बिक्री का विरोध, अफसरों ने सुनवाई नहीं की तो 8 बजे लाठियां लेकर दुकान बंद कराने पहुंच जाती हैं महिलाएं

गोपाल पाटोदिया 

रात आठ बजे बाद शराब की बिक्री रोकने के लिए महिलाएं अफसरों के पास पहुंची। कलेक्टर को भी शिकायत की। किसी ने नहीं सुनी तो महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया। महिलाएं आठ बजे शराब की दुकान पर पहुंच जाती हैं। दुकान बंद कराकर बाहर लाठियां लेकर बैठ जाती हैं। रात में पहरा इसलिए देती हैं कि ठेकेदार रात में चोरी-छुपे शराब नहीं बेच सके। यह सिलसिला तीन दिन से चल रहा है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अब वे नए ठेकेदार को आबादी क्षेत्र में दुकान संचालित नहीं करने देंगी। महिलाओं ने कहा कि शराब की दुकान आबादी क्षेत्र से अन्य जगह शिफ्ट की जाए।

शराब की दुकान दूसरी जगह लगाएं

मामला संतोकपुरा पंचायत की ऋतुराज कॉलोनी का है। कॉलोनी सहित आसपास की बस्तियों में शराब बिक्री से महिलाओं में रोष है। वार्ड सदस्य रूकमणि देवी ने बताया कि आबादी के बीच शराब की दुकान रात 8 बजे बाद भी दुकान खुली रहती थी। इससे देर रात तक शराब पीकर लोग घूमते रहते थे। जिससे महिलाएं घरों से बाहर नहीं निकल पाती थी। फैक्ट्रियों से देर रात तक मजदूर गांव में आते हैं। जिन्हें भी शराबियों व शरारती तत्वों से खतरा रहता था। रूकमणि देवी ने बताया कि कई बार अफसरों से शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। इस पर महिलाएं खुद रात 8 बजे दुकान बंद कराने पहुंच जाती हैं। लाठियां लेकर दुकान के बाहर बैठ जाती हैं। महिलाओं ने बताया कि नए ठेकेदार को यहां दुकान का संचालन नहीं करने देंगी। शराब की दुकान अन्य जगह स्थानांतरित करने की मांग पूरी नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।