बस में मिले बैग से निकली 1.25 करोड़ की स्मैक, तस्कर को पकड़ने बैग में आटा भरकर उसी जगह छोड़ा, उठाते ही पकड़ा

|राजगढ़

रुपेश जैन 

राजस्थान से शहर की तरफ स्मैक लेकर आ रहा तस्कर युवक रविवार रात राजस्थान सीमा पर पुलिस की चैकिंग देख हड़बड़ाहट में दूसरा बैग उठाकर बस से उतर गया। इसके बाद बस में लावारिस बैग देख राजस्थान परिवहन की बस के कंडक्टर ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। बैग में 938 ग्राम स्मैक देख कुछ-कुछ मामला पुलिस की समझ में अा गया। इसकी सूचना एसपी प्रदीप शर्मा को देकर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए याेजना बनाकर जाल बिछाया। बस कंडक्टर की पहचान के आधार पर पहले तस्कर का स्कैच तैयार किया। इसके बाद उसी बस में वापसी के समय सुबह अाठ बजे बैग में उतने ही वजन का आटा भर कर रख दिया। बस लाैटी ताे तस्कर अपना बैग खाेजने वापस बस में चढ़ा। बैग पाकर उसने अपने साथी काे फाेन कर इसकी सूचना दी। पहले से ताक में बैठी पुलिस ने अाराेपी काे राजस्थान के घाटोली से गिरफ्तार कर लिया। जिस साथी काे अाराेपी ने फाेन किया था उसे भी पकड़ लिया है। एसपी श्री शर्मा ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने पाटलीपुरा निवासी 19 वर्षीय कमल लोधा नाम बताया है। बैग मिलते ही उसने अपने जिस साथी बालदा निवासी बालू पुत्र भंवरसिंह सौंधिया 24 को सूचना दी थी उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने न्यायालय से दोनों को रिमांड पर मांागा है।

बैग को देखते ही आरोपी ने खुश हाेकर दी साथी को सूचना, पुलिस ने उसको भी पकड़ा

पहले स्कैच तैयार किया फिर बस में बैग रख बिछाया जाल

कोतवाली टीआई जेबी राय ने बताया कि कंडक्टर से मिली सूचना के बाद उसी के बताए हुलिए के अनुसार आरोपी का स्कैच तैयार किया गया। स्मैक एक करोड़ 25 लाख रुपए की थी। संभावना थी कि इतनी बड़ी रकम का माल हाेने से आरोपी उसे लेने दाेबारा आएगा। इसी को लेकर पुलिस ने जाल बिछाते हुए दोबारा बैग में आटा भरकर उसे लाैटती बस में रख दिया।

बस में सादा कपड़ों में बैठे दाे सिपाही, पीछे निजी वाहन में थी पुलिस टीम

निगरानी के लिए आरक्षक अशोक और हरिओम को सिविल ड्रेस में बैठा दिया। बस के पीछे एसआई आदित्य सोनी, एएसआई अरूण जाट, नरेंद्र सैनी, शादाब खान और मनोज को निजी वाहन से सिविल ड्रेस में भेजा। जैसे ही घाटोली में पाटलीपुरा निवासी आरोपी कमल पुत्र गोपीलाल लोधा 19 चढ़ा, उसने बैग को देख, खुशी जाहिर की। इसके बाद बैग को उठाकर उसकी तलाशी लेते ही बालदा निवासी बालू पुत्र भंवरसिंह सौंधिया 24 को बैग मिलने की सूचना दी। इस पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। वहीं पकड़े गए आरोपी कमल के फोन से बालूसिंह को दोबारा फोन लगाकर उसे सोयत से पकड़ा है। इसे पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

दाेबारा अाए ताे 150 ग्राम स्मैक अाैर मिली

एसपी श्री शर्मा ने बताया कि लावारिस बैग में 935 ग्राम स्मैक मिली थी। वहीं उसी बैग को दोबारा लेने अाए कमलसिंह की तलाशी के दौरान उसके पास से 50 ग्राम स्मैक मिली है। वहीं आरोपी के साथी बालूसिंह सौंधिया को कपड़ने पर उसके पास से 100 ग्राम स्मैक जब्त की। श्री शर्मा ने बताया कि तीनों जगह से मिली स्मैक का वजन 1 किलो 88 ग्राम है, जिसकी बाजार में कीमत एक करोड़ 25 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे मुख्य आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश में है।

हर बार राजस्थान के रास्ते जिले में भेज रहे स्मैक, जिले में खुलेआम बिक रही

जिले में हर बार राजस्थान के झालावाड़ के रास्ते जिले में स्मैक व ब्राउन शुगर खपाई जा रही है। अभी तक पकड़े गए आरोपी झालावाड़ से मादक पदार्थ लाने की सूचना देते हैं लेकिन पुलिस कार्रवाई के दौरान न तो इन मादक पदार्थ को खरीदने वाले पकड़ाते है और ना ही जिससे यह खरीदकर लाते हैं, वह पकड़ाते हैं। हर बार पुलिस कार्रवाई के दौरान माल कोरियर (मानव) करने वाला आरोपी ही पकड़ में आता है। इसके चलते मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती है। यहीं कारण है कि शहर सहित जिलेभर में स्मैक, ब्राउनशुगर, अफीम का कारोबार फैल रहा है। शहर में छह से सात जगह खुलेआम यह मादक पदार्थ बेचे जा रहे हैं।

5 साल में 7 बार बड़ी मात्रा में पकड़ी स्मैक

पुलिस ने पिछले पांच साल में बड़ी मात्रा में सात बार स्मैक पकड़ी है। पांच साल पहले कोतवाली पुलिस ने एक किलो स्मैक पकड़ी थी, जिसके दो आरोपी जमानत पर हैं। जबकि तीन साल पहले नरसिंहगढ़ में तीन लोगों को स्मैक बेचने हुए पकड़ा था। इसी तरह खिलचीपुर पुलिस ने दो साल पहले भोजपुर के समीप व सालभर हाईवे पर आरोपियों को पकड़ा था। वहीं सालभर पहले जीरापुर व माचलपुर पुलिस ने भी स्मैक कारोबारियों को पकड़ा था। जबकि इन पांच सालों में डोंडा चूरा, अफीम सहित अन्य मादक पदार्थ के 20 से अधिक मामले दर्ज किए हैं।