निशुल्क अस्थि बैंक बना, एक साल तक परिजन नहीं ले गए तो गंगा में प्रवाहित कर दी जाएंगी

गर्वित श्रीवास्तव 

जोधपुर  किसी वजह से अगर कोई परिवार या व्यक्ति अपने दिवंगत रिश्तेदार या अपनों की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने नहीं ले जा पाता है तो उसके लिए शहर में एक निशुल्क अस्थि बैंक बनाया गया है। इसमें एक साल तक अस्थियां सुरक्षित रखी जा सकती हैं। परिजन इन्हें वापस नहीं ले जाएंगे तो अस्थि बैंक की ओर से गंगा में प्रवाहित कर दिया जाएगा। इसके अलावा, यहां उन लोगों की अस्थियों को भी जगह दी जाएगी, जिनकी मौत किसी दुर्घटना में हुई है और उनका किसी ने दावा नहीं किया है।

शहर के सिवांची गेट स्थित पुष्करणा समाज मोक्षधाम में मृत्युंजय सेवा संस्थान ने निशुल्क अस्थि बैंक बनाया है। इसका खर्च भी संस्थान ही उठाएगा। मृत्युंजय सेवा संस्थान के सचिव प्रमेंद्र बोहरा ने बताया कि हिंदू धर्म का कोई भी शख्स अपने मृत रिश्तेदार की अस्थि यहां बैंक में जमा करवा सकता है। इसके लिए कोई चार्ज नहीं लगेगा, लेकिन कोई सहयोग राशि देगा तो मनाही नहीं है।

अस्थि टोकन दिया जाएगा : अस्थियां सुरक्षित रखने के लिए आधार कार्ड की कॉपी और फोन नंबर साथ देने होंगे। इसके बाद अस्थि टोकन दिया जाएगा। इसी के साथ मृत व्यक्ति की अस्थि का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। अगर अस्थि टोकन गुम हो जाता है तो उसके रिश्तेदार द्वारा जमा करवाए गए आधार कार्ड के आधार पर अस्थि कलश लौटाया जाएगा।