67 साल के इतिहास में सवाई माधोपुर में दो बार, टोंक में एकबार भी नहीं बन पाई महिला सांसद

गणेश योगी 

टोंक भले ही महिला सम्मान एवं उत्थान की प्रमुख दलों द्वारा बात की जाती रही हो। लेकिन टोंक व सवाई माधोपुर संसदीय चुनाव के इतिहास में महिलाओं को अधिक तरजीह नहीं मिल पाई है। सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र से 1996, 1998 में कांग्रेस की उषा मीणा सांसद बनी, वहीं भाजपा से 1999 में जसकौर मीणा सांसद बनने में सफल हो पाई है। जबकि टोंक लोकसभा सीट से एक भी महिला सांसद नहीं बन सकी है। प्रमुख दलों ने यहां से महिला को उम्मीदवार भी नहीं बनाया। 1996 में कंचनदेवी, 1998 में डा. किरण, 1999 में मीना मारदिया व 2009 में प्रेमलता उम्मीदवार के रुप में सामने आई। लेकिन सफलता मिल पाई। 2008 में हुए परिसीमन के बाद टोंक-सवाई माधोपुर सीट वजूद में आई। लेकिन अब तक प्रमुख दलों ने यहां से महिला प्रत्याशी को नहीं उतारा है। हालांकि कई नाम इसबार महिला उम्मीदवारों के सामने भी आए। बहरहाल लोकसभा चुनाव के 67 साल के इतिहास में महिला उम्मीदवार हाशिए पर ही रही है। हालांकि विधानसभा के इतिहास में टोंक से जकिया के अलावा कोई महिला विधायक नहीं बन सकी। ना ही विधानसभा चुनावों में भी प्रमुख दलों ने यहां पर महिलाओं को तरजीह दी। ऐसा में देखे तो महिला उत्थान एवं सम्मान नारों तक ही सीमित रहा नजर आता है।

इस बार भी उम्मीद कम

भाजपा ने यहां से सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया पर एकबार फिर भरोसा जताया है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में पूर्व मंत्री नमोनारायण मीणा का नाम प्रबल माना जा रहा है। ऐसे में इस बार भी किसी प्रमुख दलों द्वारा किसी महिला को टिकट मिलना मुश्किल लगता है।

टोंक में सवाई से अधिक महिला मतदाता

टोंक जिले में 22 फरवरी तक मतदाता सूची में 5 लाख 14 हजार 786 पुरुष मतदाता एवं 4 लाख 79 हजार 435 महिला मतदाता थे। इसी प्रकार सवाई माधोपुर जिले में 5 लाख 2 हजार 513 पुरुष एवं 4 लाख 36 हजार 732 महिला मतदाता हैं।