आडवाणी-जोशी के बहाने केजरीवाल का मोदी पर तंज, घर बनाने वालों को ही निकाल दिया बाहर

नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सभी पार्टियां अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर रहे हैं। भाजपा इस बार नए चेहरों पर दांव खेल रही है। वहीं उसने अपने दिग्गज नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को इस बार दिकट नहीं दिया है। आडवाणी और जोशी का टिकट काटने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने ट्वीट किया कि आडवाणी और जोशी को टिकट न देकर भाजपा ने बुजुर्गों का अपमान किया है। यह हिंदू संस्कृति के खिलाफ है। हिंदू धर्म में हमें अपने बुजुर्गों का सम्मान करना सिखाया गया है।

केजरीवाल ने कहा कि जिन्होंने घर बनाया आप लोगों ने उन्हीं को निकाल दिया। जो अपने बुजुर्गों का नहीं हो सकता वो किसी और का क्या होगा। केजरीवाल ने कहा कि पांच साल से आप लोकपाल लेकर बैठे हैं लेकिन दिल्ली सरकार ने अपने किए वादे पूरे किए। जनता को पानी फ्री मिल रहा है। पूरी दिल्ली में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि आडवाणी के बाद भाजपा ने अपने पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद मुरली मनोहर जोशी से चुनाव नहीं लड़ने को कहा है। यह घटनाक्रम, उम्रदराज हो चुके अपने कई नेताओं को चुनाव में प्रत्याशी न बनाने के पार्टी के फैसले की ही एक कड़ी है। जोशी ने 2009 में वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव जीता था लेकिन 2014 में उन्होंने यह सीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए खाली कर दी थी।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी (91 वर्ष) के साथ जोशी दो दशक से अधिक समय तक भाजपा के चेहरे के तौर जाने जाते थे। संसद की प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष जोशी के विभिन्न मुद्दों जैसे रोजगार, जीडीपी और गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) आदि पर निष्कर्षों से सरकार के लिए असहज स्थिति उत्पन्न हो गई थी। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी ने यह ‘‘सैद्धांतिक निर्णय’’ किया है कि बुजुर्ग नेताओं को युवा नेताओं के लिए रास्ता बनाना चाहिए। इस बार पार्टी ने आडवाणी सहित 80 साल से अधिक उम्र के अपने नेताओं बी सी खंडूरी, करिया मुंडा, कलराज मिश्रा और विजय चक्रवर्ती आदि को टिकट नहीं दिया है।