शहादत वाले दिन काट दिया शहीद सुखदेव के घर का बिजली कनेक्शन

लुधियाना । शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा। आजादी के दौर में गूंजने वाले यह ये जज्बात भरे शब्द अब किताबों में ही रह गए। असलियत में तो हम इतने ज्यादा आजाद हो गए हैं कि उन वीरों की कुर्बानियों को भी भूल गए हैं जिन्होंने हमें गुलामी की जंजीरों से आजाद करवाया। अन्यथा यह कैसे संभव है कि शहीद-ए-आजम के साथ फांसी के फंदे पर झूलने वाले महान शहीद सुखदेव के घर का बिजली कनेक्शन विभाग उसी दिन काट दे जिस दिन उनका शहीदी दिवस था।

लोग देशभर में शहीदों की मूर्तियों के आगे मोमबत्तियां जला रोशनी कर रहे थे, वहीं शहीद सुखदेव की जन्मस्थली नौघरा में बिजली कटने से घर पर अंधेरा पसरा था। लाखों रुपयों की देनदारी वालों के तो पावरकॉम कनेक्शन काट नहीं पाता, जबकि शहीद के घर का कनेक्शन मात्र 2610 रुपये के लिए काटकर शर्मनाक कृत्य को अंजाम दिया है।शहीद के वंशज एवं नौघरा की देखभाल करने वाले शहीद सुखदेव थापर मेमोरियल ट्रस्ट के त्रिभुवन थापर को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने पॉवरकाम अधिकारियों से कनेक्शन काटने की वजह जानी। तभी पता चला कि बिजली का 2610 रुपये बकाया था। हालांकि बाद में बिजली बिल जमा करवाने के बाद विभाग ने कनेक्शन जुड़वा दिया।पॉवरकाम के प्रदीप कुमार ने पूछने पर पहले कहा कि नौघरा स्मारक का 2610 रुपये का बिल बकाया था। रूटीन कार्रवाई में कनेक्शन काटा गया था। लेकिन पलभर में ही अपने शब्द बदलते हुए कहा कि इलाके का लाइनमैन नया था जिसके चलते यह कार्रवाई हो गई। हमने इस कनेक्शन को अब जुड़वा दिया है।