Loksabha Election 2019: किस्सा कुर्सी का, बात ‘देवास’ लोकसभा सीट की

देवास: लोकसभा चुनाव 2019 के रण के लिए चुनाव आयोग ने रणभेरी फूंक दी है। देशभर में आचार संहिता लगने के साथ-साथ अब रैलियों और जनसभाओं का दौर भी जारी है। सांसदों की अपने-अपने लोकसभा क्षेत्र में आवाजाही शुरू हो गई है। जिससे देश की राजनीति की गरमाहट चरम पर है। दावों और वादों में हजारों बातें की जा रही हैं। लेकिन इसकी हकीकत क्या है ये तो जनता ही बताएगी और सब किया धरा सामने आ जाएगा जब 23 मई को परिणाम सामने आएगा।

साल 2008 से अस्तित्व में आई देवास राज्य की ऐसी सीट है। जहां से BJP के दिग्गज नेता थावरचंद गहलोत चुनाव लड़ चुके हैं। शाजापुर लोकसभा सीट को खत्म करके बनाई गई देवास लोकसभा सीट पर अब तक दो बार चुनाव हुए हैं। जिसमें एक बार कांग्रेस तो एक में BJP को जीत मिली है। 2014 में यहां से BJP के मनोहर ऊंटवाल जीते थे। लेकिन हाल में हुए विधानसभा चुनाव लड़कर उन्होंने सांसदी के पद से इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल वे आगर सीट से विधायक हैं। यहां की 8 विधानसभा सीटों में से 4 पर BJP और 4 पर कांग्रेस का कब्जा है। 2011 की जनगणना के मुताबिक देवास की जनसंख्या 24 लाख 85 हजार 19 है। इसमें से 73.29 फीसदी लोग ग्रामीण इलाके में रहते हैं और 26.71 फीसदी लोग शहरी क्षेत्र में रहते हैं। यहां पर 24.29 फीसदी जनसंख्या अनुसूचित जाति की है और 2.69 फीसदी जनसंख्या अनुसूचित जनजाति की है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 2014 के चुनाव में यहां पर 16 लाख 17 हजार 215 मतदाता थे। इसमें से 7 लाख 73 हजार 660 महिला मतदाता और 8 लाख 43 हजार 555 पुरूष मतदाता थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां पर 70.74 फीसदी मतदान हुआ था।

लोकसभा चुनाव 2014 का परिणाम

2014 के चुनावी रण में मैदान में BJP की तरफ से मनोहर ऊंटवाल तो कांग्रेस की तरफ से सज्जन सिंह थे। लेकिन मनोहर ने सज्जन को करारी शिकस्त देते हुए 2 लाख 60 हजार 313 मतों से हराया था। इन चुनाव में मनोहर को मनोहर ऊंटवाल को 6,65,646 वोट मिले थे। तो वहीं सज्जन सिंह को 4,05,333 वोट मिले थे। बसपा 1.51 फीसदी वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थी।

लोकसभा उम्मीदवार राजनीतिक दल वोट वोट प्रतिशत
मनोहर ऊंटवाल बीजेपी 6,65,646 58.19 फीसदी
सज्जन सिंह कांग्रेस 4,05,333 35.49 फीसदी

लोकसभा चुनाव 2009 का परिणाम 

इससे पहले 2009 के चुनाव में यहां से कांग्रेस के सज्जन सिंह को जीत मिली थी। उन्होंने BJP के दिग्गज नेता थावरचंद गहलोत को मात दी थी। सज्जन सिंह को 3,76,421 वोट मिले थे, तो थावरतंद गहलोत ने 3,60,964 वोट हासिल किए थे। दोनों के बीच हार जीत का अंतर 15,457 वोटों का था।

लोकसभा उम्मीदवार राजनीतिक दल वोट वोट प्रतिशत
सज्जन सिंह कांग्रेस 3, 76, 421 48.08 फीसदी
थावरचंद गहलोत बीजेपी 3,60,964 46.1 फीसदी

सांसद का रिपोर्ट कार्ड 

  • 2014 में चुनाव जीतकर पहली बार सांसद बने।
  • संसद में उनकी उपस्थिति 58 फीसदी रही
  • मनोहर ऊंटवाल ने इस दौरान 2 बहस में हिस्सा लिया और 52 सवाल किए
  • मनोहर ऊंटवाल को उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे, जो कि ब्याज की रकम मिलाकर 25.18 करोड़ हो गई थी
  • सांसद ने विकास कार्यों के लिए आवंटित फंड का 86.91 फीसदी खर्च किया।
  • उनका करीब 2.96 करोड़ रुपए का फंड बिना खर्च किए रह गया

बात अगर मुद्दों की करें तो इस लोकसभा सीट की आठों विधानसभाएं किसी न किसी समस्या से जूझ रही है। कहीं सड़कों की समस्या है, तो कहीं रोजगार की, कुछ इलाके तो इस कदर पिछड़ेपन की जद में कि कोई इनकी तरफ ध्यान देना मुनासिब नहीं समझता। बावजूद इसके BJP जहां इस संसदीय क्षेत्र में विकास कार्य होने का दावा करती नजर आ रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने सांसद पर विकास को अवरुद्ध करने और कम उपस्थिति के आरोप लगाए हैं। लिहाजा कांग्रेस BJP पर विकास कार्य न कराने के लिए हमलावर होते हुए तरह-तरह के आरोप लगा रही है।