टि्वटर के सीईओ जैक डोरसे को 12 तक अपना पक्ष रखने के निर्देश

गर्वित श्रीवास्तव 

जोधपुर. हाईकोर्ट न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की बेंच में मंगलवार को ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर टि्वटर के सीईओ जैक डोरसे के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने टि्वटर सीईओ को जांच अधिकारी के समक्ष 12 अप्रैल तक अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं, हालांकि इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से हाजिर नहीं होना पड़ेगा, वे अपने अधिवक्ता या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से पक्ष रख सकेंगे। मामले में अगली सुनवाई 24 अप्रैल मुकर्रर की है। तब तक उनकी गिरफ्तारी पर लगाई गई अंतरिम रोक भी बढ़ा दी है। मामले के अनुसार ब्राह्मण समाज के विरुद्ध टि्वटर पर टिप्पणी करने वाले टि्वटर के सीईओ डोरसे के खिलाफ जोधपुर की अदालत ने बासनी थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। परिवादी राजकुमार शर्मा की ओर से अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने इस्तगासा दायर कर बताया था, कि पोस्टर प्रदर्शित कर ब्राह्मणों के खिलाफ षड्यंत्र किया गया, इसलिए मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। डोरसे की ओर से सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एफआईआर निरस्त करने के लिए याचिका दायर की है। जांच अधिकारी द्वारा विवादित ट्विट के संबंध में आवश्यक जानकारी नहीं मिलने की बात बताई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी व अधिवक्ता मुक्तेश माहेश्वरी व अनिरुद्ध सिंह शेखावत मौजूद थे।