अवैध पार्किंग से जाम के हालात

-राजेंद्र भगत-
जम्मू: मंदिरों का शहर जम्मू इन दिनों जाम और अवैध पार्किंग से ग्रस्त शहर बन चुका है जगह-जगह अवैध पार्किंग फुटपाथों पर कब्जे, मुख्य मार्गो के अगल-बगल में अवैध पार्किंग के कारण राहगीरों का आना जाना समस्या बन गया है
शहर की पहचान रघुनाथ बाजार पुरानी मंडी,परेड सहित किसी भी बाजार में जाना आसान नहीं है बाहरी प्रदेशों से आने वाले सैलानी जिनके कारण यह बाजार अपनी पहचान बनाए हुए हैं वह ना तो सही ढंग से इन बाजार को देख पाते हैं और ना ही खरीद फ़रोक कर पाते हैं जम्मू के इन प्राचीन बाजारों को और अधिक सुंदर और सैलानियों के लिए सुविधाओं से युक्त बाजार बनाने की कई बार पहल की गई परंतु अवैध निर्माण एवं अवैध पार्किंग ने प्रशासन के सभी मनसूबे फेल कर दिए यह बाजार तभी सुंदर बन सकते हैं यदि इन बाजारों में हर प्रकार के वाहनो के जाने की मनाही हो, परंतु ऐसा सोचना भी असंभव है क्योंकि जम्मू का प्रशासन इतना कर्मठ कभी नहीं रहा कि वह बाजार के विकास पर प्रयत्नशील हो अब स्थिति ऐसी है कि जम्मू व्यापारिक दृष्टि से बिछड़ता जा रहा है सैलानियों के देखने और घूमने वाले स्थान ऐसे बन गए हैं जहां पर पहुंचना मुश्किल नहीं असंभव लगता है यदि गौर करें तो जम्मू में कई प्रसिद्ध मंदिर है जो तवी के किनारे किनारे एवं मददे शहर में स्तिथ हैं या शहर के बाहरी क्षेत्र में हैं। सैलानी वहां तक कैसे पहुंच सकें इसकी कोई व्यवस्था नहीं है
पिछले कुछ वर्षों से देखा गया है कि सैलानियों का मुख्य आकर्षण कटरा,पटनीटॉप या फिर कश्मीर घाटी ही रहती है परंतु बहुत से सैलानी ऐसे हैं जो जम्मू में घूमना चाहते हैं परंतु वह अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते और निराशावध आपने कार्यक्रम में बदलाव कर लेते हैं जिसका असर जम्मू के व्यपार पर पड़ता है सतवारी से लेकर अम्बफला तक यदि देखा जाए तो मुख्य मार्गों के आसपास की जगह पर अवैध पार्किंग के कारण वाहनों की कतार लगी रहती है जिस कारण सैलानी इस मार्ग का उपयोग करने के बजाए वह जम्मू के बाहरी मार्ग का उपयोग करके वैष्णो देवी पथरी टॉप या अन्य स्थानों को चले जाते हैं वह जम्मू में नहीं आ पाते ,आ जाएं तो मदद शहर में नही जा पाते यह सारी समस्याएं जम्मू की सुंदरता को खराब करने के साथ-साथ जम्मू की अर्थव्यवस्था और व्यापार को भी समाप्त कर रही हैं।