पत्रकारो के सवालो का जवाब नही दे सके

 

उज्जैन ।लोकसभा चुनाव 2019 मैं उज्जैन -आलोट संसदीय सीट पर प्रोफेसर चिंतामणि मालवीय की टिकट कटने की पीड़ा किसी को हो या ना हो मगर अखिल भारतीय बलाई समाज महासभा में यह पीड़ा उभर कर सामने आई । ये बात आम नागरिकों के गले नहीं उतर पा रही क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में भी समाज के उम्मीदवारों की उपेक्षा की गई थी और उसके स्थान पर किसी अन्य को टिकट दे दी गई थी उस समय
बलाई महासभा को किसी भी प्रकार की कोई पीड़ा नहीं हुई थी,किंतु चिंतामण मालवीय के टिकट कटने से, अचानक बलाई समाज की तंद्रा भंग हुई,और आन फान में शहर में एक पैराशूट आयोजक के माध्यम से पत्रकारवार्ता आहूत कराई गई ,जिसमे पैराशूट आयोजक अखिल भारती बलाई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार अपने निर्धारित समय से डेढ़ घण्टे बिलम्ब से पहुंचे । तथा पत्रकारों से बिलम्ब से आने पर क्षमा याचना करते हुए,पत्रकारवार्ता शुरू की इस दौरान पत्रकारो के तरकश से निकले सवालों के तीक्ष्ण तीरो का सामना नहीं कर पाए, सूत्रों की माने तो आहूत की गई इस पत्रकार वार्ता को लेकर शहर भर में चर्चा का बाजार गर्म है कि ,उक्त पत्रकारवार्ता लोकसभा चुनाव में उपेक्षित व्यक्ति के इशारे पर आयोजित की गई है पत्रकार वार्ता के पैराशूट आयोजक मनोज परमार ने पूरे समय प्रोफेसर चिंतामण मालवीय की खुली पैरवी करते हुए उनकी पूर्व की जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत से तुलना कर अपने चापलूसी का परिचय दिया ।इस पर पत्रकारों ने उन पर कई सवाल दाग दिये, जिससे निरुत्तर होकर आयोजक पलायन कर गए। बलाई समाज के प्रति उनके दोहरे चरित्र पर भी कई सवाल उठने लगे ,जिसका वे उत्तर नही दे पाए।