सीक्रेट था ‘मिशन शक्ति’, सिर्फ 5 से 6 लोगों को ही थी इसकी जानकारी

बेंगलुरुः अंतरिक्ष में एंटी मिसाइल से एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराते हुए बुधवार को भारत ने अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर दर्ज करा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह राष्ट्र के नाम संदेश में कहा कि मिशन शक्ति के तहत स्वदेशी एंटी सैटेलाइट मिसाइल ‘ए-सैट’ से तीन मिनट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया गया । प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अंतरिक्ष में निचली कक्षा में लाइव सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता रखने वाला चौथा देश बन गया है। अब तक यह क्षमता केवल अमेरिका, रूस और चीन के ही पास थी। भारत के मिशन शक्ति की चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है लेकिन इस मिशन को पूरी तरह से सीक्रट रखा गया था और सिर्फ 5 से 6 लोगों को ही इसकी जानकारी थी

पोखरण की तरह इस मिशन को भी गोपनीय रखा गया था। डीआरडीओ के वैज्ञानिक सतीश रेड्डी ने कहा कि इस प्रॉजेक्ट पर करीब 6 महीने से काम हो रहा था और 300 वैज्ञानिक और स्टाफ दिन-रात काम में जुटे रहे। इतना ही नहीं मंगलवार की शाम तक 5 से 6 लोगों के अलावा मिसाइल लॉन्चिंग की टाइमिंग को लेकर किसी को जानकारी नहीं थी। रेड्डी ने बताया कि आमतौर पर एक सैटलाइट की गति को देखते हुए इसे इंटरसेप्ट करने के लिए एक सेकंड से भी कम का वक्त मिलता है और इस चुनौती से निपटने के लिए गाइ़डेंस कंट्रोल, मिशन कंप्यूटर और सिस्टम्स की जरूरत होती है, जिनकी वजह से एक्यूरेसी और रिलेटिव टाइमिंग में मदद मिलती है।

मोदी ने कल राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत हमेशा से अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ के विरूद्ध रहा है और इससे :उपग्रह मार गिराने से: देश की इस नीति में कोई परिवर्तन नहीं आया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति एवं सुरक्षा का माहौल बनाने के लिए एक मजबूत भारत का निर्माण जरूरी है और हमारा उद्देश्य शांति का माहौल बनाना है, न कि युद्ध का माहौल बनाना। उल्लेखनीय है कि भारत के बेड़े में पहले से ही बलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रोग्राम के तहत पहले से ही बहुत सी मिसाइलें हैं।