राजौरी जिला अस्पताल में खुली इंतजामो की पोल

 

-बाला राम शर्मा-
राजौरी:जम्मू कश्मीर के राजौरी जिला अस्पताल का प्रशासन कितना संवेदनशील है इसका प्रमाण उस समय सामने आया जब हमारे संवाददाता अस्पताल का दौरा करने पहुंचे। जगह जगह गंदगी के ढेर,शौचालय पर लगे ताले और अस्पताल की लिफ्ट का 5 वर्ष पहले उद्घाटन हुआ पर आज तक चली नही,मरीजों का ध्यान रखने वाले कर्मचारियों की कुर्सियां खाली दिखी। इतना ही नहीं जो लोग ड्यूटी पर थे वह भी अस्पताल की यूनिफॉर्म के बिना इलाज करते हुए देखे गए। हैरानगी तो तब हुई जब अस्पताल की एक कर्मचारी 3 साल के बच्चे को इंजेक्शन लगाते समय मोबाइल पर व्यस्त दिखी।
इस तरह की तस्वीरें विचलित कर सकती हैं कि आम जनता अस्पतालों में अपना इलाज करवाने जाती है यहां कई आरोप लगते रहे हैं कि सही इलाज ना मिल पाने के कारण मरीज की मौत हो गई जिस पर कई बार बवाल भी बनता है ज्ञात रहे कि यह ऐसी ही लापरवाही के कारण होता है सरकार भारी बजट अस्पताल के लिए संरक्षित करती है परंतु जिन का कार्य मरीजों की देखरेख करना है वह किस तरह अपनी ड्यूटी को निभाते हैं यह तस्वीरों में देखा जा सकता है सरकारी अस्पतालों पर मरीजों के साथ दुर्व्यवहार के समाचार कोई नई बात नहीं है सरकार द्वारा ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई होते हुए भी देखना कोई नई बात नहीं है परंतु लापरवाही इतने निचले स्तर पर चली जाए यह दुर्भाग्य का विषय है ज्ञात रहे की राजोरी का यह जिला अस्पताल जिले के दूरदराज क्षेत्र के मरीजों के लिए एक मात्र बड़ा अस्पताल है जहां मरीजों की हमेशा भरमार रहती है ऐसा माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों बाद यह अस्पताल मेडिकल कॉलेज की श्रेणी में आने वाला है