300+ सीटें जीतेगी NDA, पाकिस्तानियों से नहीं आतंकवाद से लड़ाई, पढ़ें PM मोदी के इंटरव्यू की खास बाते

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि जनता ने सबसे ज्यादा सीटें एनडीए को देने का फैसला कर लिया है। परिणाम निश्चित है, NDA की 300 से ज्यादा सीटें आने वाली हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में तो मोदी के सामने कोई नहीं है, 2024 में शायद कोई मोदी के खिलाफ मैदान में हो। मोदी ने कहा कि भारत का पाकिस्तान की जनता के साथ कोई झगड़ा नहीं है और उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है। मोदी ने एक न्यूज चैनल के साक्षात्कार में कहा कि जहां तक भारत का संबंध है पाकिस्तान के पास आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। मोदी ने कहा कि हमारा पाकिस्तान की जनता के साथ कभी झगड़ा नहीं था और आज भी नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने 26/11 को लेकर सभी सूची, टेप आदि दे दिए, वे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं और उसे हमें सौंप सकते हैं, हम कानूनी कदम उठाएंगे।

पीएम मोदी के इंटरव्यू के खास अंश

  • जैश-ए-मोहम्मद ने इसे स्पष्ट रूप से कहा कि हां, हमने पुलवामा हमलाकिया है और तब भी आप (पाकिस्तान) कार्रवाई नहीं करते हैं। पाकिस्तान ने हमेशा हर आतंकवादी हमले के बाद आश्वासन दिया कि वह निर्णायक कार्रवाई करेगा लेकिन वह ऐसा नहीं करता है। मैं अब उनके जाल में नहीं फंसना चाहता हूं।
  • इस बात का अफसोस है कि उनके विरोधियों को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बयानों में तो राजनीतिज्ञता दिखाई देती है जबकि उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री पर संदेह है। जनता को ऐसे लोगों को पहचानना चाहिए।
  • एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि इस देश में नरेंद्र मोदी की देशभक्ति पर कोई भी संदेह नहीं कर सकता। कोई प्रश्न नहीं उठा सकता।
  • कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस की पिछली सभी सरकारों के लिए रक्षा सौदे एटीएम की तरह हुआ करते थे। कल्पना नहीं कर सकते कि रक्षा सौदे पारदर्शिता के साथ किए जा सकते हैं।
  • हमारी सरकार रक्षा सौदों पर सरकार से सरकार के समझौते के स्तर पर काम करेगी ताकि इसमें पारदर्शिता बनी रहे।
  • नेहरू जी गरीबी की बात करते थे, इंदिरा जी गरीबी की बात करती थीं, राजीव जी भी गरीबी की बात करते थे, सोनिया जी भी गरीबी की बात करती थीं, और अब इनकी पांचवीं पीढ़ी भी गरीबी की बात कर रही है पर आज तक सिर्फ बातें हुई हैं, किया कुछ नहीं गया।
  • सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग लाने वाले, मीडिया पर पाबन्दी लगाने वाले और आपातकाल लगाने वाले लोग कृप्या मुझे ज्ञान न दें।
  • मेरे लिए जितना दिल्ली का महत्व है उतना ही चेन्नई का है, उतना ही कोच्चि का, उतना ही तिरुवनंतपुरम का, उतना ही भुवनेश्वर, पुरी, कटक का और कोलकाता का है। मैं दिल्ली को लुटियन से बाहर ले गया। दिल्ली मुझे स्वीकार करे या नहीं, मैं दिल्ली को देशभर में ले गया।
  • जो लोग ईपीएफ भर रहे हैं वो बिना जॉब के हैं, जो लोग सड़क बनाने का काम कर रहे हैं क्या उन्हें रोजगार नहीं है।
  • महागठबंधन का गणित नहीं चलेगा। नामांकन के बाद विपक्ष और बिखरेगा, लेकिन मेरा मानना है कि देश सहमति के आधार पर चलता है।