बस स्टैंड को बाहर करना तो दूर, चार्टर्ड और सूत्र सेवा का ठिकाना भी शहर के अंदर बना दिया, अस्पताल के रास्ते पर लगता है रोज जाम

शिरीष सिलकारी 

सागर के मास्टर प्लान और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में बस स्टैंडों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की प्लानिंग की गई थी लेकिन इस पर आज तक काम तो आगे नहीं बढ़ा। इसके विपरीत दो नए बस स्टैंड और शहर के अंदर ही आ गए।

संजय ड्राइव रोड से इंदौर-भोपाल व अन्य शहरों के लिए सीधा रूट देख पहले यहां चैतन्य हॉस्पिटल के बाजू में चार्टर्ड का बस स्टैंड शुरू हुआ। अब यहीं से सूत्र सेवा बस भी संचालित होने लगी। हालात यह है कि इस रोड पर बसों के आने-जाने के समय जिला अस्पताल के मेनरोड पर जाम लग जाता है। संजय ड्राइव रोड पर बस खड़ी होने लगीं हैं। भास्कर ने जब शहर के बस स्टैंडों को बाहर करने की सालों से चली आ रही प्लानिंग के बीच इस नई अ- व्यवस्था पर बात की तो किसी के पास कोई ठोस जवाब नहीं था। एक्सपर्ट स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस समस्या का हल निकालने की जरूरत बता रहे हैं। नई पोस्टिंग के फेर में अफसरों को शहर से जुड़े मुद्दों से सरोकार नहीं है।

सागर. बसों की आवाजाही के बीच संजय ड्राइव रोड पर बनते हैं ऐसे हालात।

शहर के अंदर 4 पुराने बस स्टैंड संचालित हैं। इनमें मुख्य सरकारी बस स्टैंड, उसी के बाजू में प्राइवेट बस स्टैंड, छत्रसाल (राहतगढ़) बस स्टैंड के अलावा रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे चल रहे अस्थाई खुरई बस स्टैंड से वाहनों की रेलमपेल है। इन चारों बस स्टैंड से रोज 800 से ज्यादा बसों का संचालन हो रहा है। मुख्य व प्राइवेट बस स्टैंड के अलावा चार्टर्ड व सूत्र सेवा बस का संचालन संजय ड्राइव रोड से हो रहा है। यहां से इंदौर, भोपाल के लिए बसें आ-जा रही हैं। जिससे इस रोड पर ट्रैफिक का दवाब लगातार बढ़ रहा है। यह रोड संकरी होने से हादसे का डर अलग है। सूत्र सेवा बस पहले स्मार्ट सिटी ऑफिस के बाहर खड़ी हो रही थी, लेकिन अब संजय ड्राइव इनका नया ठिकाना है।

बस स्टैंड को शिफ्ट करने की प्लानिंग के बीच रेनोवेशन पर कर दिए करोड़ों खर्च

मुख्य बस स्टैंड को एक तरफ शहर के बाहर शिफ्ट करने की प्लानिंग चल रही थी। उसी बीच परिवहन विभाग ने इसके रेनोवेशन का काम शुरू करा दिए। करीब 8 करोड़ का प्रोजेक्ट था। फर्श और प्लेटफार्म पर अब तक 2 करोड़ रुपए खर्च हो गए। निगम इस जगह को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सिटी बस टर्मिनल के रूप में उपयोग करने की प्लानिंग कर चुका है। अलग-अलग प्लानिंग चल रही है। इसलिए भी इस समस्या का हल नहीं निकला।