टेरर फंडिंग केस : सुप्रीम कोर्ट ने जहूर अहमद शाह वटाली को जमानत देने के आदेश को निरस्त किया

नई दिल्‍ली  सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जम्‍मू-कश्‍मीर के व्‍यापारी जहूर अहमद शाह वटाली को जमानत देने के दिल्‍ली हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया। जहूर अहमद टेरर फंडिंग केस का आरोपी है। राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने जहूर को जमानत देने के हाईकोर्ट के आदेश को सर्वोच्‍च अदालत में चुनौती दी थी।

जम्‍मू कश्‍मीर के कारोबारी जहूर अहमद शाह वटाली को पिछले साल टेरर फंडिंग मामले में अगस्‍त 2017 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सितंबर 2018 में दिल्‍ली हाईकोर्ट ने उसे जमानत दी थी। एनआइए ने हाईकोर्ट के जमानत देने संबंधी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई जिसमें सर्वोच्‍च अदालत के न्‍यायाधीश एएम खानविल्‍कर की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने हाईकोर्ट के जमानत देने वाले आदेश को निरस्‍त कर दिया।

बता दें कि जहूर अहमद शाह वटाली पर पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद, यूसुफ शाह और अन्य लोगों की मदद करने का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को धन मुहैया कराने के आरोपी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली की गुरुग्राम में स्थित प्रॉपर्टी को अटैच किया था। आरोप है कि मकान का भूतल फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआइएफ) की रकम से खरीदा गया था। इस संगठन को पाकिस्तान में हाफिज सईद चलाता है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि करोड़ों रुपये के इस मकान को खरीदने के लिए अरब देश से हवाला के जरिए रकम आई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने एनआइए की रिपोर्ट पर ही वटाली की गुरुग्राम स्थित प्रॉपर्टी को अटैच किया था।