मासूम भाई-बहन के खून से इस अपने ने ही रंगे हाथ

श्रीमती विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव

उन्नाव,  कानपुर शहर के सीमावर्ती शुक्लागंज के गंगाघाट ऋषिनगर में दिल दहला देने वाले हत्याकांड के पीछे कोई और नहीं बल्कि घर का ही कोई अपना था। हत्या का सच सामने आया तो हर कोई रिश्तों की दुहाई देता रहा। पुलिस ने सुराग मिलने पर मौसेरे भाई को गिरफ्तार किया तो उसने सच कबूल कर लिया। चंद रुपयों के लालच में उसने साथी के साथ मिलकर अपनी मौसी की बेटी और बेटे के खून से हाथ रंग लिये। घटना के बाद आरोपित का नाम सामने आया तो रिश्तेदार ही नहीं पड़ोसी भी अवाक रह गए।

पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी वारदात

ऋषिनगर में रहने वाले सेल्समैन पवन मिश्र के घर पर सोमवार दोपहर बाद उनकी 13 वर्षीय बेटी अंशिका और ढाई साल के बेटे राघव की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी गई थी। बहन की बहू को अस्पताल देखने गई मां घर लौटी थी तो नजारा देखकर बदहवास हो गई थी। दिनदहाड़े हत्याकांड ने लोगों को झकझोर दिया था तो पुलिस के लिए हत्यारोपित को पकड़ा चुनौती बना था। एएसपी विनोद कुमार पांडेय ने पांच टीमें गठित कर जांच शुरू कराई थी।

इस तरह आरोपित तक पहुंची पुलिस

छानबीन में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने कंचन नगर में रहने वाले मौसेरे भाई शुभांकित शुक्ल उर्फ गोलू के मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल चेक की तो सारी परतें खुलनी शुरू हो गई। पुलिस ने गोलू को पकड़कर पूछताछ की तो पहले उसने गुमराह करने की कोशिश की। बाद में सबूत सामने रखने पर उससे हत्या का सच स्वीकार कर लिया। गोलू ने बताया कि रुपयों के लालच में शुक्लागंज के सीताराम कालोनी निवासी राहुल यादव के साथ योजना बनाई थी। मौसी मोनू के घर जाकर बच्चों का कत्ल करके अलमारी खंगाली तो उसमें महज 200 रुपये ही हाथ लगे। पुलिस ने उसके साथी राहुल की तलाश में शुरू की है।

गोलू ने पकड़े हाथ, राहुल ने रेता गला

पकड़े गए गोलू ने पुलिस को बताया कि घर में दाखिल होने के बाद उसने फ्रिज से बोतल-मिठाई निकाली और बाहर आकर दोस्त को पानी पिलाया। इसके बाद उसे भी घर के अंदर बुला लिया। बेड पर सिरहाने बैठकर उसने अंशिका को पीछे से उसे पकड़ लिया। वह शोर मचाती इससे पहले राहुल ने चाकू से गला रेतकर मौत की नींद सुला दिया।

दहशत में बेड से कूद गया मासूम

आंखों के सामने बहन को चाकुओं से गोदा गया तो भाई दहशत में बेड से कूद गया। पहचान उजागर न हो इसलिए राहुल ने एक हाथ से उसे खींचकर बेड पर लिटया और उसकी भी गर्दन रेत दी। अलमारी से कुछ न मिलने पर खून से सने कपड़े पहने ही दोनों बाहर से दरवाजे की कुंडी बंदकर भाग निकले।