फर्जी लाइसेंस से दिल्ली-गुजरात में बने बैठे हैं सुरक्षा गार्ड

दीपसिंह 

कासगंज, । फर्जी शस्त्र लाइसेंस के सहारे कई लोग दिल्ली और गुजरात में सुरक्षा गार्ड बने बैठे हैं। इनके हाथों में असलाह भी अवैध हैं, क्योंकि जिस लाइसेंस पर खरीदे गए हैं, वो ही फर्जी हैं। कासगंज में पकड़े गए गिरोह से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। गिरोह के सदस्यों ने भी स्वीकारा है कि उनसे लाइसेंस बनवाने वाले कई लोग सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहे हैं।

यह गिरोह सिर्फ डीएम के नाम से ही शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं करता था, बल्कि जारी किए फर्जी लाइसेंस को सचिवालय के नाम पर ऑल इंडिया भी बना देता था। पुलिस को जो सात लाइसेंस इनके पास से मिले, उनमें से एक पर सचिवालय की मुहर लगी हुई है। साथ ही लिखा है लाइसेंस का पूरे भारत वर्ष में विस्तार किया जाता है। ऑल इंडिया के लाइसेंस बनवाने वालों में अधिकांश वो लोग शामिल होते थे, जिन्हें सुरक्षा गार्ड के रूप में नौकरी करने के लिए प्रदेश से बाहर जाना होता था। आमतौर पर उक्त लाइसेंस की प्रक्रिया लंबी होती है, ऐसे में यह इनके चंगुल में आसानी से फंस जाते थे। पुलिस पूछताछ में दस लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं, जिन्हें पुलिस ने गोपनीय रखा है। पुलिस इनकी तहकीकात कर रही है। स्पेशल टीम का गठन :

मामले की जांच के लिए एसपी अशोक कुमार शुक्ल ने एक स्पेशल पुलिस टीम का भी गठन किया है। वहीं सोरों पुलिस भी अपनी तहकीकात कर रही है। जल्द ही कई अन्य लोगों को पुलिस हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है। लाइसेंस बनवाने वालों में खलबली :

गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद कई लोगों में खलबली मची है। हालांकि अभी तक कोई सामने नहीं आया है, लेकिन जिन्होंने इस गिरोह से लाइसेंस बनवाए हैं, उनकी धड़कनें बढ़ गई हैं।