कांग्रेस के घोषणापत्र को CM योगी ने बताया ‘उबाऊ’, SP-BSP पर भी जमकर बोला हमला

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के घोषणापत्र को ‘उबाऊ’ और ‘पुराने अपूर्ण वादों का नया संकलन’ करार देते हुए कहा कि इस पार्टी ने अपनी 55 वर्षों की नाकामी को 55 पृष्ठ के घोषणापत्र के जरिए व्यक्त किया है। योगी ने ‘विजय लक्ष्य युवा सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व का यह झूठ दोबारा बेनकाब होगा। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को जोरदार जवाब देगी। योगी ने कहा कि कांग्रेस जो कार्य 55 वर्षों में नहीं कर पाई, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने 55 महीनों में इन कार्यों को कर दिखाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष लगातार नकारात्मक राजनीति को बढ़ावा दे रहा है। इसी वजह से पाकिस्तान भी इस मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं का तुष्टीकरण करना और भारत के अंदर आतंकवाद और नक्सलवाद को बढ़ावा देना विपक्ष का काम है। योगी ने कहा कि कांग्रेस के तत्कालीन नेतृत्व ने हिन्दुओं को आतंकवादी बोलकर उन्हें बदनाम किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश युवाओं का प्रदेश है क्योंकि यहां सबसे अधिक युवा रहते हैं। बहुत सारे लोग ऐसे होंगे, जिन्हें लोकतंत्र के इस महापर्व में पहली बार शामिल होने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने युवाओं से कहा कि आपका एक वोट देश को बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। अगर आपका वोट नकारात्मक दिशा में जाएगा तो वो सिर्फ नकारात्मकता ही लाएगा। हमारे जीवन में नकारात्मक चीजों की जरूरत नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब नकारात्मक तत्वों ने देश के खिलाफ षडयंत्र किया है, तब-तब युवाओं ने उसे खत्म करने का काम किया है। राष्ट्र के निर्माण और समाज के निर्माण के लिए अपने इस अधिकार का प्रयोग जरूर करें।

सपा-बसपा पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि प्रदेश में सपा और बसपा ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ जैसा काम करती थीं। इन्हें कांग्रेस ने कभी साथ आने के लिए नहीं कहा, लेकिन ये दोनों सीबीआई और ईडी के डर से समर्थन देती रहीं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 70 वर्षों तक एक परिवार ने देश पर राज किया। अगर वह शुरुआत अच्छी होती तो आज भारत महाशक्ति के रूप में स्थापित हो गया होता। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है और यह नरेंद्र मोदी की सरकार के 55 महीने के कार्यकाल में साफ दिखा है जबकि कांग्रेस की कथनी-करनी का अंतर पिछले 55 सालों में जनता ने देखा और झेला है।