आचार संहिता उल्लंघन मामले में ईसी ने एयर इंडिया और रेल मंत्रालय से मांगा जवाब

नई दिल्लीः चुनाव आयोग ने मंगलवार को रेलगाडिय़ों में चाय के कप पर भाजपा के समर्थन वाले नारे, रेलयात्रा टिकट और हवाई यात्रा बोर्डिंग पास पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीरों के प्रकाशन से चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में ढिलाई बरतने पर रेल और नागरिक उड्ययन मंत्रालय से नाराजगी जताते हुये जवाब मांगा है। आयोग ने दोनों मंत्रालयों को पिछले नोटिस पर जवाब पेश करने की समयसीमा बीतने के बाद भी जवाब नहीं देने को आयोग के आदेश की अवज्ञा बताते हुये इस पर गंभीर नाराजगी जतायी है।

आयोग ने रेल मंत्रालय के सचिव और आईआरसीटीसी के प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी कर चार अप्रैल तक जवाब देने को कहा है। उल्लेखनीय है कि काठगोदाम शताब्दी एक्सप्रेस में चाय के कप पर ‘‘मैं भी चौकीदार’’ नारा लिखे होने से आचार संहिता के उल्लंघन होने की शिकायत पर आयोग ने 29 अप्रैल को मंत्रालय से इस मामले में उपयुक्त कार्रवाई कर 31 मार्च तक जवाब देने को कहा था। आयोग ने पूर्व नोटिस पर जवाब देने की समय सीमा बीतने के दो दिन बाद भी मंत्रालय द्वारा अपना पक्ष नहीं रखने पर गंभीर नाराजगी जताते हुये इसे उपेक्षा और आदेश की अवज्ञा बताया।

इस बीच आयोग ने रेल यात्रा टिकटों पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर प्रकाशित होने के एक अन्य मामले में मंत्रालय द्वारा जवाब के लिये अतिरिक्त समय मांगे जाने पर नाराजगी जताते हुये इस रवैये पर असंतोष जताया। आयोग ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान आदेशों के अनुपालन पर इस तरह के ढुलमुल रवैये पर नाखुशी जाहिर करते हुये प्रभारी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई करने का फैसला किया है। आयोग ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से इस मामले में एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।

इस बीच रेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस मामले में एक अप्रैल को विस्तृत जवाब भेजा जा चुका है। सूत्रों ने बताया कि रेल टिकट पर प्रधानमंत्री की तस्वीर से जुड़े मामले में आयोग के पूर्व निर्देशानुसार मंत्रालय के प्रभारी अधिकारियों के विरूद्ध माकूल कार्रवाई भी की गयी है। इसके अलावा आयोग ने उड्डयन सचिव पी एस खोसला को हवाई यात्रा संबंधी बोर्डिंग टिकट पर मोदी की तस्वीर के मामले में भी नोटिस पर निर्धारित समयसीमा में जवाब नहीं देने पर नाराजगी जतायी है।

आयोग ने सचिव को कहा है कि वह एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक को आयोग के आदेश की अवज्ञा पर उसकी नाराजगी से अवगत करा दें। साथ ही आयोग के पूर्व आदेश की अवज्ञा से जुड़े प्रभारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।