‘देशद्रोह’ की धारा खत्म करने पर घिरी कांग्रेस

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से मंगलवार को तमाम लोकलुभावने वादों की झड़ी लगाते हुए घोषणा पत्र जारी किया गया। घोषणा पत्र के कानून नियम और विनियमों की पुन:परख वाले शीर्षक में पार्टी ने नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा के नाम पर कई कानूनों और धाराओं को बदलने की बात कही है। इसमें सबसे ज्यादा विवादित मुद्दा देशद्रोह का है। भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए को लेकर कांग्रेस का मानना है कि इसका बहुत दुरुपयोग किया जा रहा है। साथ ही नया कानून बन जाने के बाद इस धारा की महत्ता भी खत्म हो गई है।

लिहाजा कांग्रेस सत्ता में आई तो इस धारा को खत्म करेगी। इसके अलावा धारा 499 में मानहानि को आपराधिक धारा से बदल कर दीवानी अपराध की श्रेणी में लाएगी। नागरिकों द्वारा सामान्यत: उल्लंघन किए जाने वाले कानूनों को गैर आपराधिक बना कर दीवानी के दायरे में लाया जाएगा। कांग्रेस ने पूर्वोत्तर राज्यों में सीआरपीएफ बलों में कटौती करने के साथ ही अफस्पा की समीक्षा की भी बात कही है। थर्ड डिग्री तरीकों का उपयोग करने और अत्याचार, क्रूरता या आम पुलिस की ज्यादतियों के मामलों को रोकने के लिए अत्याचार निरोधक कानून बनाने का वादा किया है। पार्टी के विवादित वादों में 3 से 7 साल की सजा वाले अपराधों में विचाराधीन कैदियों और हवालातियों, जिन्होंने 3 से 6 महीने या उससे अधिक समय जेल में बिता दिया है, को उन्हें तुरंत रिहा करने का है।

121 परामर्श कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ने बनाया अपना जन घोषणा पत्र
24 राज्यों, 3 केंद्र शासित प्रदेशों के 60 से अधिक जगहों पर ये परामर्श कार्यक्रम हुए
53 परामर्श कार्यक्रम किसानों, उद्यमियों, अर्थशास्त्रियों, छात्रों, शिक्षकों, महिला समूहों, डॉक्टर, वकील तथा अन्य क्षेत्र के विषय विशेषज्ञों, विद्वानों के साथ हुए