ममता बनर्जी के गढ़ में बोले PM मोदी, बंगाल के विकास में दीदी बनी स्पीड ब्रेकर

कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को प्रदेश के विकास की राह में ‘स्पीड-ब्रेकर’ बताया और कहा कि बालाकोट कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के इस्लामाबाद और रावलपिंडी में दर्द होना चाहिए था लेकिन यह दर्द दीदी के कोलकाता में हो गया। मोदी ने बुधवार को यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल विकास की दौड़ में अन्य राज्यों से पिछड़ गया है और वह राज्य के विकास के लिए इस ‘स्पीडब्रेकर’ को हटाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने चिट फंड के माध्यम से यहां के गरीब लोगों को लूटा है।

रैली के प्रमुख अंश

  • ममता बनर्जी की नाव डूब रही है, तृणमूल कांग्रेस सरकार राज्य के 70 लाख किसानों के उत्थान में बाधा बन रही है और कम्युनिस्ट और तृणमूल कांग्रेस एक ही नाव में सवार हैं।
  • ये सभी महामिलावटी इतनी जोर से रोए कि पाकिस्तान में वे हीरो बन गए, वह कैसा भारत चाहते हैं। दिल्ली में जब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की रिमोट कंट्रोल सरकार सत्ता में थी तब अक्सर आतंकवादियों के हमले हुआ करते थे।
  • राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने देश में गरीबों के लिए आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की है लेकिन दीदी राज्य के विकास की राह में ‘स्पीड-ब्रेकर’ बन गई है तथा 70 लाख से अधिक किसानों का स्तर ऊंचा उठाने में अड़चनें खड़ी की है तथा उन्होंने राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना पर भी रोक लगा रखी है।
  • कांग्रेस ने कल अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें सशस्त्र बल विशेष शक्ति अधिनियम (अफस्पा) हटाने का उल्लेख किया गया। क्या उन्हें अपनी सेना पर भरोसा नहीं है।
  • ममता बनर्जी को गरीबों की कोई ङ्क्षचता नहीं है। वह गरीबों को लेकर ही राजनीति करती है तो काम कैसे करेंगी। अगर गरीबी खत्म हो गई तो उनकी राजनीति भी खत्म हो जाएगी।
  • एक तरफ आपका चौकीदार है, दूसरी तरफ ‘दागदार’ हैं। आपका चायवाला चाय बागानों के कर्मियों के हित के प्रति पूरी तरह समर्पित है।’’

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रैलियों का अपना महत्व है क्योंकि एक तरफ जहां तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपना गढ़ बचाने में जुटी हैं वहीं भाजपा यहां अपना आधार बढ़ाने में पिछले कई महीनों से जुटी हुई है। राज्य की 42 सीटों पर लोकसभा के सभी सात चरणों में मतदान होना है। वर्ष 2014 के आम चुनाव में टीएमसी ने राज्य की 42 सीटों में से 34 पर विजय हासिल की थी।

पार्टी के समक्ष अपने इस गढ़ को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है। पार्टी के कई बड़े नेता भी पिछले कुछ माह के दौरान भाजपा में शामिल हुए। भाजपा को पिछले चुनाव में राज्य में दो सीटें हासिल हुई थीं और वह अपना आधार बढ़ाने के लिए जी जान से जुटी है। भाजपा अध्यक्ष पश्चिम बंगाल में एक दौरा कर चुके हैं।