रिश्वत मांगने पर सरकारी वकील को चार साल की सजा, 10 हजार का अर्थदंड लगाया

रुपेश जैन 

ज्यादती के एक आरोपी को बरी कराने की बात कहते हुए उसकी मां से पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगने वाले सरकारी वकील को सेशन कोर्ट ने चार-चार साल की सजा सुनाई है। अाराेपी काे 5-5 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। एजीपी (अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता) काे लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। न्यायालय में गवाहों के बयान अाैर सबूतों के अाधार पर रिश्वत लेने का अाराेप सही पाया गया।

लोक अभियोजक अालेाक श्रीवास्तव ने बताया कि 13 नवंबर 2014 को लोकायुक्त से धापूबाई ने शिकायत की थी। इसमें उसने कहा कि उसका बेटा रामबाबू उर्फ बाबू द्वारा ज्यादती करने का केस सेशन न्यायालय नरसिंहगढ़ में चल रहा है। सरकारी वकील दिनेश शर्मा बेटे काे केस में बरी कराने के लिए रुपए मांगे रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पांच हजार की रिश्वत के बदले बरी कराने की बात कहते हुए कागज की पर्ची पर पेशी की तारीख देते हुए उस पर पैसे लिखकर दिए हैं। इस पर लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी एजीपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। विशेष न्यायाधीश संजय श्रीवास्तव के न्यायालय ने सोमवार को अाराेपी काे सजा सुनाई।

ज्यादती के आरोपी को बचाने पर्ची पर लिखकर की थी रिश्वत की मांग

वकील को पकड़ने लोकायुक्त ने ऐसे बिछाया था जाल

पीड़िता धापूबाई की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने नोट पर फिनाफ्थलीन पाउडर लगाकर धापूबाई को रिश्वत राशि देते समय की वार्तालाप रिकार्ड करने के लिए एक डीवीआर भी दिया। इसके लिए लोकायुक्त पुलिस के दल ने आरोपी दिनेश शर्मा को रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।