दो बाघों की शिफ्टिंग : सरिस्का में बाघ के बाद मुकंदरा भेजी जाएगी बाघिन

अजय शेखर शर्मा

सवाई माधोपुर | रणथंभौर अभयारण्य से आने वाले दिनों में दो बाघों की शिफ्टिंग की जाएगी। इनमें से एक नर बाघ सरिस्का एवं एक मादा बाघिन मुकंदरा भेजी जाएगी। यह कब भेजे जाएंगे इस बारे में अभी समय एवं तिथि तय नहीं है।

रणथंभौर अभयारण्य से एक बार फिर सरिस्का के लिए बाघ भेजने की तैयारी रणथंभौर में की जा रही है। विभाग की गतिविधियों के अनुसार विभाग द्वारा पहले नर बाघ सरिस्का भेज जाएगा। इसके बाद ही मुकंदरा के लिए बाघिन भेजी जाएगी। इस बारे में सीसीएफ एवं अन्य अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है। विभाग के उच्च अधिकारियों की मानें तो अब तक नर बाघ को कुछ ही दिनों में सरिस्का भेजने की तैयारी थी, लेकिन अब विभाग इसे कुछ समय के लिए आगे सरका रहा है। इस कारण शिफ्टिंग का काम धीमा हो गया है।

बाघों की गतिविधियों का आंकलन कर रहा विभाग

दूसरी तरफ विभाग की टीम जंगल में संभावित नर बाघों का आंकलन कर उन की गतिविधियों पर निगरानी भी कर रही है। विभाग यह तय कर रहा है कि जंगल में मौजूद जवान बाघों में किस बाघ को ज्यादा खतरा है या कौन सा बाघ दूसरे नर बाघों एवं शावकों के लिए खतरा बन सकता है। इस प्रकार के बाघों का आंकलन करने के बाद ही उन में सबसे ज्यादा पैचीदा हालत में मिलने वाले नर बाघ को ही रणथंभौर से सरिस्का के लिए विदा किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरिस्का में नर बाघ भेजने के बाद ही मुकंदरा में बाघिन को भेजने पर विचार शुरू होगा। तब तक के लिए मुकंदरा को बाघिन का इंतजार करना होगा।

हमेशा रहती है तैयारी

यह बात भी सही है कि अब तक कई बाघों को बेहोश कर रणथंभौर से विदा कर चुके वन विभाग के अधिकारियों के लिए अब किसी भी बाघ को बेहोश कर पिंजरे में बंद करना कोई बहुत बड़ी चुनौती नहीं है। यहां के कर्मचारी एवं अधिकारी इसके लिए काफी अभ्यस्त हो चुके है। विभाग के सूत्रों के अनुसार ऊपर से आदेश मिलने के कुछ घंटों के भीतर ही यहां की टीम रणथम्भौर से बाघ को रवाना कर सकते हैं। बशर्ते चिंहित किया गया बाघ सही लोकेशन पर मिल जाए।