प्रदेश सरकार सीमेंट मुहैया कराए, 31 मई तक हर हाल में पूरी हो फोरलेन : हाईकोर्ट

पार्थो चक्रवर्ती 

बिलासपुर . बिलासपुर-रायपुर फोरलेन को लेकर हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रदेश सरकार ठेका कंपनियों को सीमेंट मुहैया कराए, 31 मई तक हर हाल में फोरलेन का काम पूरा होना चाहिए। लेटलतीफी को लेकर लगाई गई जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान पुंज लॉयड और एलएंडटी ने जब फिर से सीमेंट न मिलने की जानकारी कोर्ट को दी। तब कोर्ट ने य आदेश दिए। दोनों ठेका कंपनियों को 14 मई तक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा गया है। 7 मार्च को हई सुनवाई के दौरान भी दोनों कंपनियों ने सीमेंट व रेत न मिलने की परेशानी बताई थी।

फोरलेन के लिए 2015 में वर्क ऑर्डर जारी हुआ था। तीन हिस्सों में काम के लिए ठेका दिया गया। एग्रीमेंट के मुताबिक ठेका कंपनियों को अप्रैल-मई 2018 तक काम पूरा करना था। बिलासपुर से सरगांव तक करीब 30 किमी काम लगभग पूरा हो चुका है। सरगांव से आगे अब भी सड़क का एक तरफ का काम चल रहा है। लेटलतीफी और घटिया निर्माण को लेकर रायपुर के रजत तिवारी ने 2016 में जनहित याचिका लगाई थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान ही हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में काम पूरा कराने के निर्देश जारी हुए।

लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और ठेका कंपनियों की लापरवाही के चलते समय सीमा में काम पूरा नहीं हो सका। नवंबर 2017 में हाईकोर्ट ने 31 मई 2018 तक की डेडलाइन तय की। पर अब भी करीब 50 फीसदी काम बाकी है। गुरुवार को एक्टिंग चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस पीपी साहू की बेंच में सुनवाई के दौरान पुंज लॉयड के वाइस प्रेसीडेंट (प्रोजेक्ट) कुंदन कुमार पाठक और एलएंडटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुनील कुमार मौजूद थे। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने निर्धारित तारीख तक काम पूरा करने का लिखित आश्वासन तो दिया, साथ ही सीमेंट न मिलने की वजह से हो रही परेशानी भी बताई। हाईकोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को दोनों कंपनियों को पर्याप्त सीमेंट मुहैया करवाने के निर्देश दिए हैं, जिससे कोर्ट को संसाधनों व सामान की कमी होने की वजह से डेडलाइन में काम पूरा नहीं के कारण निराश न होना पड़े।