पुलिस ने जब्त किए 9.66 करोड़, बैंक बता रहा 6 करोड़ और पादरी का दावा 16 करोड़ थे, उलझा मामला

जालंधर, । पादरी फादर एंथनी से करोड़ों रुपये बरामद किए जाने का मामला पहेली बना गया है। अब बैंक के दावे से पूरा मामला बुरी तरह उलझ गया है। प्रतापपुरा में पादरी एंथनी के घर से करोड़ों की बरामदगी में नए-नए चौंकाने वाले दावे हो रहे हैं। पहले खन्ना पुलिस ने 9.66 करोड़ की बरामदगी का दावा किया था। इस पर पादरी कहा कि घर पर 16करोड़ से ज्यादा की राशि थी। अब दोनों के बाद बैंक ने एक नया आंकड़ा सामने रख दिया है। साउथ इंडियन बैंक के मुताबिक पुलिस ने लगभग छह करोड़ रुपया जब्त किया था। इनमें 4.30 करोड़ दो-दो हजार के नोट थे जबकि बाकी 500 और 200 के नोट थे।

ऐसे में सवाल यह उठता है कि खन्ना पुलिस बाकी लगभग साढ़े तीन करोड़ की रकम कहां से लाई थी। अगर एंथनी की बात को सच मानें तो फिर लगभग 10 करोड़ से ज्यादा की राशि कहां थी, जो बैंक वालों को नहीं दिखी। जबकि पादरी कह चुके हैं कि जिस वक्त पुलिस की रेड हुई, उस समय पैसे बैंक वाले गिन रहे थे।

अब यह भी पता चला है कि जिस साउथ इंडियन बैंक में यह पैसे जमा कराए जाने थे, वहां से पैसे लाने के लिए बैंक ने प्‍यून संदीप विलियम व गनमैन गुरदीप सिंह को भेजा गया था। इतनी बड़ी रकम लाने के लिए इतने जूनियर कर्मचारियों को भेजने पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने कैश को जब्त करते वक्त इसमें कोई भी आइडेंटिफिकेशन मार्क नहीं लगाया। इस बारे में जब बैंक की मैनेजर पलकी से बात की गई तो उन्होंने पूरा सवाल सुनकर नो कमेंट्स कहते हुए फोन काट दिया।इस मामले में पुलिस की कहानी उलझ गई है और सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस की कहानी के अनुसार, पहले खन्ना पुलिस ने जालंधर में रेड की लेकिन लोकल पुलिस को इसकी सूचना तक नहीं दी। यहां के पुलिस थाने में इस बारे में कुछ भी अधिकारिक तौर पर दर्ज नहीं किया गया। जालंधर में रेड की वीडियो भी वायरल हो गई। इसके बावजूद वापस लौटने पर खन्ना पुलिस ने रिकवरी दोराहा के नाके पर दिखा दी।जानकारों का कहना है कि खन्ना पुलिस की यह बहुत बड़ी गलती रही, जिसने पादरी एंथनी को खुलकर सामने आने का मौका दे दिया। जब खन्ना पुलिस को पता चल गया कि रेड का वीडियो वायरल हो गया है और सुबूत बन चुका है उसके बाद भी पुलिस ने अपनी गलती को सुधारने की कोशिश नहीं है की। उल्टा गिरफ्तारी दोराहा से दिखा दी। यह भी कहा जा रहा है कि पादरी एंथनी के घर रेड कर पैसा जब्त करने के बाद पुलिस ने इन्कम टैक्स के अफसरों को सूचित किया था। जहां से भी उनका केस कमजोर हुआ।

पंजाब में 31 साल पहले आए केरल के कोच्चि के एक छोटे किसान के बेटे पादरी एंथनी की पांच फर्मे चल रही थीं। इनमें तीन जालंधर में व दो दिल्ली में हैं। इनमें कॉपी-किताबें व अन्य स्टडी मैटीरियल का कारोबार होता है। 2014 में पादरी ने जरूरतमंदों के लिए रोजगार पैदा करने के दावे से सहोदया शुरू की।

नन से दुष्‍कर्म के आरोप में फंसे बिशप फ्रैंको मुलक्कल के करीबी पादरी एंथनी ने इससे साल 2018-19 तक 40 करोड़ का कारोबार खड़ा कर लिया। उधर, दूसरी तरफ ईडी ने अभी तक कोई जांच शुरू नहीं की है। ईडी के एक सीनियर अफसर ने कहा कि अगर हवाला का पैसा दर्ज कर एफआइआर हो, तभी जांच होगी। लेकिन ऐसा कुछ भी ईडी के पास नहीं पहुंचा है।