चैत्र नवरात्र का पहला दिन, मां के जयकारों से गूंजेगा त्रिलोकपुर

कालाअंब : महामाई बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। यह स्थल अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर धार्मिक पर्यटन के रूप में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। चैत्र एवं आश्विन मास में पड़ने वाले नवरात्रों के अवसर पर इस मंदिर में विशेष मेले का आयोजन होता है। इसमें लाखों की तादाद में श्रद्धालु सिरमौर के अतिरिक्त पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ एवं उत्तराखंड से आकर माता के दर्शन करते हैं। इस वर्ष चैत्र मास में आयोजित होने वाले नवरात्र मेले 6 से 19 अप्रैल तक मनाए जा रहे हैं। जिसके चलते आज नवरात्र पर यहां आस्था का सैलाब उमड़ेगा। इसके लिए मंदिर न्यास द्वारा सभी आवश्यक प्रबंध पूर्ण कर लिए गए हैं।

6 अप्रैल को मंदिर में प्रात: 5 बजे माता बाला सुंदरी की विशेष पूजा और हवन का आयोजन किया जाएगा। इसके उपरांत माता का ध्वज चढ़ाया जाएगा। जिला मुख्यालय नाहन से लगभग 23 किलोमीटर दूरी पर स्थित महामाई त्रिपुर बाला सुंदरी का लगभग साढ़े 300 वर्ष पुराना मंदिर धार्मिक तीर्थस्थल एवं पर्यटन की दृष्टि से विशेष स्थान रखता है। मेले की मुख्य विशेषता यह है कि यहां पर किसी भी प्रकार की शोभायात्रा या जुलूस नहीं निकाला जाता। श्रद्धालु स्नान करने के उपरांत शुद्ध वस्त्र पहनकर लंबी कतारों में माता का गुणगान करते हुए मां के दर्शन करते हैं।

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस पावन स्थली पर माता साक्षात रूप में विराजमान है और यहां पर की गई मनोकामना अवश्य पूरी होती है। मंदिर क्षेत्र में आग्नेय, धारदार हथियार तथा विस्फोटक सामग्री लाने-ले जाने और नारियल चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए मेला परिसर में 35 सी.सी.टी.वी. कैमरे स्थापित किए गए हैं। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए बाईपास का निर्माण किया गया है।