पीएम मोदी के वर्धा में दिए भाषण पर EC सख्त, ​अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र के वर्धा में दिए गए एक भाषण को लेकर विवादों में घिर गए हैंं। चुनाव आयोग ने इस भाषण को लेकर महाराष्ट्र के निर्वाचन अधिकारियों से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। दरअसल कांग्रेस ने पीएम के भाषण को ‘नफरत भरा और विभाजनकारी’ करार देते हुए चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दी थी।

कांग्रेस ने इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने के आरोप, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के काफिले के वाहनों से पैसे की कथित बरामदगी, ‘अधिकारियों की असंवैधानिक तैनाती’ और ‘आदिवासी इलाकों में चुनावी कदाचार’ को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष पांच अलग अलग प्रतिवेदन किए। चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत करने वाले कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, रणदीप सुरजेवाला और अभिषेक मनु सिंघवी शामिल थे।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा कि मोदी जी ने जो कहा है वो वैमनस्य फैलाने वाला है और चुनावी फायदा उठाने का प्रयास है। वायनाड के संदर्भ में घृणात्मक ढंग से बयान दिया। हमने मांग की है कि इस पर कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के केरल के वायनाड से चुनाव लडऩे को लेकर मोदी ने महाराष्ट्र के वर्धा की एक चुनावी सभा के दौरान दावा किया था कि कांग्रेस अध्यक्ष बहुसंख्यकों की नाराजगी के कारण अल्पसंख्यक बहुल सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग को दिए एक अन्य प्रतिवेदन में आरोप लगाया कि गांधीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे अमित शाह ने अपनी संपत्ति एवं देनदारी के बारे में गलत जानकारी दी है।