EC को सरकार का जवाब- NaMo टीवी एक विज्ञापन प्लेटफॉर्म, इजाजत की जरूरत नहीं

लोकसभा चुनाव से पहले नमो टीवी सवालों में घिर गया है। इस चैनल के संबंध में चुनाव आयोग द्वारा दिए गए नोटिस पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जवाब दिया है। मंत्रालय के अनुसार डीटीएच सेवा प्रदाताओं द्वारा शुरू किया गया एक विज्ञापन प्लेटफॉर्म है जिसके लिए सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं।

एक सूत्र के मुताबिक मंत्रालय ने कहा कि नमो टीवी नियमित चैनल नहीं है और यह स्वीकृत चैनलों की आधिकारिक सूची में नहीं आता। मंत्रालय ने चुनाव आयोग को बताया कि मौजूदा नियमों के अनुसार इस तरह के विज्ञापन प्लेटफॉर्म चलाने के लिए उससे किसी मंजूरी की जरूरत नहीं है।

बता दें कि आयोग ने मंगलवार को नोटिस जारी कर मंत्रालय से नमो टीवी की रिपोर्ट मांगी थी। मंत्रालय से पूछा गया कि लोकसभा चुनाव के ठीक पहले नमो टीवी की अचानक लॉन्चिंग कैसे हो गई। दरअसल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि आचार संहिता लगने के बाद भी कैसे किसी राजनीतिक पार्टी के समर्थन वाले टीवी को प्रसारण की अनुमति दी जा सकती है।