जनता की समस्याओं का निराकरण नही कर पातापीएचई विभाग

-राजेंद्र भगत-
जम्मू: गर्मियों की शुरुआत होते ही जम्मू पीएचई की पोल खुलना शुरू हो जाती है सर्दियों में तो पानी की इतनी दिक्कत नहीं रहती किंतु गर्मियों में पानी को लेकर जम्मू शहर में हाहाकार मच जाता।

देश के दूसरे शहर के मुकाबले जम्मू को पानी की आपूर्ति के लिए शहर के बाहर से पानी की आपूर्ति नहीं करनी पड़ती पानी का स्रोत जम्मू तवी या फिर जम्मू शहर में ही लगे अन्य पानी के स्रोत से शहर में पानी की सप्लाई की जाती है उसके बावजूद भी विभाग अपने कार्य को ठीक ढंग से नहीं निभा पाता विभाग लगातार भारी बजट के साथ पाइपों का बदलाव, रखरखाव इत्यादि करते हुए नजर तो आता है किंतु क्या भिबाग के सारे कार्य सही होते हैं या फिर केवल खाना पूर्ति या कमीशन के चक्कर में ही यह सारा कार्य होता है पानी की सप्लाई ठीक ढंग से ना मिलना,घरों में गंदा पानी आना जगह जगह पाइप से पानी का रिसाब होना पानी में प्रेशर ना होने के कारण घरों में पानी की सप्लाई बंद रहना कई स्थानों पर सप्ताह में मात्र एक या दो बार ही पानी का आना और सबसे बड़ी समस्या लोगों के घर गंदे पानी का आना ऐसी काई शिकायतें हैं जो लगातार विभाग के पास पहुंचती है ऐसा नहीं है कि विभाग इन शिकायतों पर कारवाही नहीं करता शिकायतों के निपटाने के लिए कार्य भी शुरू होता है परंतु वह कार्य कितना होता है उस पर कितना खर्च होता है? यही समस्या का कारण है
अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि विभाग में उनकी शिकायत तो सुनी मौका भी देखा काम भी किया पर शिकायत का निपटारा नहीं कर पाए तो फिर समस्या क्या है लोग आक्रोशित क्यों हैं क्यों लोगों की समस्याओं का समाधान ठीक ढंग से नहीं हो पाता क्या विभाग ने केवल आक्रोश को कम करने के लिए खानापूर्ति की? पाईप बदलने या रिपेयर करने का ड्रामा किया। जो शिकायत पर खर्चा हुआ है क्या उसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों तक हुई है? क्या काम को सही ढंग से किया गया है? ऐसी बहुत सी शिकायतें हैं जो विभाग के नकारापन को दर्शाती है तस्वीरों में रेशम घर कालोनी में ही गंदे पानी की शिकायत का निवारण होता दिख रहा है परंतु सारा कार्य पूरा होने के पश्चात जो तस्वीर में देखा जा सकता है कि यह समस्या केवल एक महीने के लिए ही ठीक होगी उसके बाद गन्दा पानी फिर से लोगों के घरों में पहुंचेगा यहां कौन सी पाइप लगाई? गई है और किस प्रकार लगाई गई है? इसके बाद इस पाई पर मिट्टी डाली जाएगी और जो फिर से जंग खाकर जोड़ फिर से खुल जाएंगे और फिर इसके लिए बजट बनेगा और फिर समस्या का हल होगा और यह सिलसिला लगातार चलता रहेगा यह एक तस्वीर है ऐसी हजारों तस्वीरें हर क्षेत्र में मिल जाएंगी तो फिर इनका स्थाई निपटारा कैसे होगा।

क्रांति दल के प्रधान प्रीतम शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि जम्मू में पानी सप्लाई का खस्ताहाल किसी से छुपा नहीं उन्होंने कहा कि जम्मू शहर में होटलों में विभाग के हर वर्ष बड़े बड़े पानी के बिल आते हैं परंतु विभाग पानी देने में असमर्थ रहा है उन्होंने कहा कि जम्मू के होटल पानी को प्राइवेट में खरीदते चले आ रहे हैं इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि जम्मू मैं जो पीने के पानी की सप्लाई होती है क्या विभाग के बड़े अधिकारी क्या उस पानी को पीते हैं?नहीं । उन्होंने कहा कि पानी को फिल्टर से साफ किए बिना पिया नहीं जा सकता उन्होंने कहा कि अभी तक हमें यह समझ नहीं आई कि आखिर विभाग है किस काम के लिए? ना तो अपने कर्मचारियों को सैलरी दे पाता है इनके कर्मचारी कई कई वर्षों से अपनी सैलरी की मांग को लेकर धरने प्रदर्शन कर रहे हैं शहर में पानी की सप्लाई कर नहीं पाता, शिकायतों का निपटारा नहीं होता पर फिर भी बड़े बड़े बिल फाइलों से निकलते हैं इनकी जांच होना अनिवार्य है