सयाजी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की असंवेदनशीलता से रो पड़ी मानवता

वडोदरा. सयाजी हॉस्पिटल में शुक्रवार को डॉक्टरों ने जिस तरह से असंवेदनशीलता दिखाई, उससे मानवता रो पड़ी। एक गरीब वृद्ध इलाज के लिए पहुंचा। उसके पॉव में गैंग्रीन था। जिससे शरीर में कीड़े पड़ गए थे। उसके इलाज के पहले डॉक्टरों ने उसके बेटे को पैर से कीड़े निकालने के लिए कहा। वह कई घंटों तक यही करता रहा। पर किसी डॉक्टर को दया नहीं आई।

पूरी घटना इस प्रकार है
महेश बुधाभाई परमार अपने 55 वर्षीय गैंग्रीनग्रस्त पिता को लेकर सयाजी हॉस्पिटल पहुंचा। इसके पहले भी वह पिता को लेकर इसी अस्पताल में आ चुका था। वहां डॉक्टरों ने बुधाभाई के पैर की जांच करने के बाद बेटे को टर्पेंटाइन आइल लाने को कहा। उसके बाद उसे एक चिमटा दिया और कहा कि घाव में तेल डालो, कीड़ा बाहर आने पर उसे चिमटे से निकाल दो। बेटा कई घंटों तक ऐसा ही करता रहा। पर किसी को उस पर दया नहीं आई।

डॉक्टर करते रहे आनाकानी
इस संबंध में जब भास्कर ने सयाजी हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. राजीव देवेश्वर से सम्पर्क किया, तो उनका कहना था कि इस घटना के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस प्रकार के मरीज को सर्जरी विभाग के डॉक्टर्स देखते हैं। डॉक्टर्स जो कहते हैं, मैं उसे ही सच मानूंगा। आप सर्जरी के एचओडी से बात करें। जब सर्जरी विभाग के डॉक्टर दीपेश दत्तारॉय से बात की गई, तो उनका कहना था कि मैं पिछले चार दिनों से दिल्ली में हूं। मैंने अपना चार्ज डॉ. दिलीप चौकसी को दिया है। आप उनसे बात करें। जब डॉ. चौकसी से बात की गई, तो उनका कहना था कि मुझे इस घटना के बारे में कुछ भी नहीं पता। आपसे से ही मुझे इस घटना की जानकारी मिल रही है। जिस दिन की आप बात कर रहे हैं, उस दिन NCOT में डाॅ. जैन की यूनिट थी। मुझे उनसे बात करनी होगी। तभी पता चलेगा कि आखिर सचमुच में वह घटना हुई थी या नहीं