लोकसभा चुनाव 2019: वाराणसी से PM नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेगा ‘मुर्दा’

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ जिले का मृतक संघ ठोकेगा वाराणसी संसदीय क्षेत्र से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ताल। मृतक संघ के रामअवतार यादव ने मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया है। वह चुनाव इस लिए लड़ रहे है कि उन जैसे मृतकों को न्याय मिल सके। वहीं उन्होंने चुनाव जीतने के बाद अपने जैसे लोगों की आवाज को संसद में उठाने का दावा किया है।

रामअवतार यादव आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील के गोरई पट्टी गांव का रहने वाला है और शरीर से विकलांग भी है। इतना ही नहीं रामअवतार यादव की उम्र 85 वर्ष हो चली है। आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि रामअवतार यादव 2005 से 2012 तक मृत हो गया था। अब आप सोच रहे होंगे कि 7 वर्ष मृत रहने के बाद 2013 में वह कैसे जीवित हो गया। जब वह मरा तो उसकी उम्र 70 वर्ष के आस-पास थी। मृत अवस्था मे 7 वर्ष संघर्ष किया तब जाकर कही जिंदा हुआ। रामअवतार यादव की सांसे बन्द नहीं हुई थी। उसको सरकारी कर्मचारियों ने राजस्व अभिलेखों खतौनी और परिवार रजिस्टर में मृत घोषित कर दिया था।

रामअवतार यादव को जब यह पता चला तो वह मृतक संघ के कार्यालय पहुंचा और मृतक संघ के अध्यक्ष लाल बिहारी मृतक से मिला। लाल बिहारी ने उसकी लड़ाई शुरू की। लालबिहारी ने रामअवतार यादव को कागजों में न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी। लगभग 7-8वर्ष के बाद रामअवतार यादव को जीवित कर दिया गया। तहसील के अभिलेखों खतौनी में रामअवतार यादव 2013 में जीवित हो गया और 2014 में परिवार रजिस्टर में उसका नाम भी अंकित हो गया। ये सब होने के बाद आपको जानकर ताज्जुब होगा की 6 वर्ष बाद आज भी उसकी जमीन वापस नहीं मिली। आज वह अपनी जमीन पाने के लिए 85 वर्ष की बुढ़ापे में संघर्ष कर रहा है। जिसके बाद आज उसने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पहली बार चुनाव लड़ने का मन नहीं बनाया है।

2014 के चुनाव में भी रामअवतार यादव आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरा था, हालांकि जांच में उसका पर्चा खारिज कर दिया गया। इस बार फिर रामअवतार यादव ने अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी संसदीय क्षेत्र से पर्चा दाखिल करने का मन बना लिया है। वही मृतक संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल बिहारी मृतक ने कहा कि जब तक तहसीलो में अन्याय और भ्रष्टाचार जारी रहेगा तब तक उनकी भी लड़ाई इस देश के ‘सुप्रीमो’ के खिलाफ उनकी लड़ाई भी जारी रहेगी।