अवैध खनन का कारोबार फल फूल रहा है

(अजय कुमार मोदी) मनसुखपुरा मे दिन दहाडे अवैद्य खनन
दर्जनों की संख्या मे ट्रैक्टरो से हो रहा है।खनन
पुलिस व वन विभाग की मिलीभगत
बाइक सबार रहते है। रखवाली को तैनात
खनन कर राजस्थान की ओर निकल जाते है।

पिनाहट चंबल नदी जो कि घड़ियाल संरक्षण क्षेत्र है।इसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेंचुरी ऐरिया घोषित किया गया है।जहां से किसी भी प्रकार का खनन करना कानूनन अपराध और इसके रखरखाव के लिये वन विभाग को नियुक्त किया गया है।किन्तु यहां तो सब उल्टा है।रक्षक ही भक्षक बने हुऐ है।क्योकि राजस्थान सीमा से सटे मनसुखपुरा थाना क्षेत्र मे इन दिनो चंबल नदी से दर्जनो की संख्या मे ट्रैक्टरो द्वारा दिन दहाडे जोरो पर अवैद्य बालू खनन का खेल चल रहा है।खनन माफिया इतने सक्रिय है।कि वो रात तो रात दिनभर खुलेआम ट्रैक्टरो से चंबल की बालू निकाली जा रही है।यह अवैद्य कारोबार वैद्य की तरह से चल रहा है।क्योकि जानकारों की माने तो इस कारोबार मे पूलिस और वन विभाग दोनो की मिली भगत है।तभी तो थाने हे महज दो किलोमीटर की दूरी पर बडी संख्या मे ट्रैक्टर सडक से बालू भरकर गुजर रहै है।और पुलिस उन्हैं पकड़ना तो दूर से ही देखकर निकल जाती है।सूत्रो की माने तो खनन माफियाओ ने अपने लोग बाइको पर लगा रखे है।जो अधिकारियो की गाड़ियों को आता देख तत्काल सूचित कर देते है।जिससे खनन रुक जाता है।वही ये ट्रैक्टर बालू भरकर राजस्थान सीमा मे घुस जाते है।जहां बालू को बेचकर वापस आ जाते है। वही इस तरह से हो रहै बडे स्तर पर अवैद्य खनन से घड़ियाल संरक्षण को बहुत बडा खतरा पैदा होता जा रहा है।क्योकि बालू मे घडियालो के अण्डे को भी खनन माफिया बालू के साथ फोड देते है।यदि इसी तरह चलता रहा तो चंबल नदी से घड़ियाल का पत्ता साफ हो जायेगा वही सीओ पिनाहट प्रदीप कुमार ने बताया कि थाना पुलिस कहती है।कि राजस्थान सीमा मे चल रहा है।किन्तु जल्द ही रात मे वे खुद छापेमारी करेगे।
वही रेंजर बाह अमित सिसोदिया ने बताया खनन राजस्थान सीमा मे हो रहा है।हमारे यहां नही चल रहा है।
वही उपजिलाधिकारी बाह महेश प्रकाश गुप्ता ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान मे नही है मे इसे दिखवाता हू।