शहर में नौ करोड़ 84 लाख लीटर पानी की सप्लाई, 3 करोड़ व्यर्थ बह जाता है लीकेज से

ऋषिराज शर्मा

रायगढ़. शहर में लोगों को शुद्ध पेयजल मिले इसके लिए अरबों रुपए खर्च कर पहले जल आवर्धन और अब अमृत मिशन योजना पर काम हो रहा है। दूसरी तरफ अपनी पुरानी पाइप लाइन और बड़ी लाइन में लीकेज को ठीक नहीं किया जा रहा है। नगर निगम केलो नदी से हर रोज 26 एमजीडी यानि नौ करोड़ 84 लाख लीटर पानी की हर रोज सप्लाई करता है लेकिन लीकेज या टोंटी नहीं लगे होने के कारण तीन करोड़ लीटर पानी सड़क और नालियों में व्यर्थ बह जाता है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ। नालियों के भीतर पाइप लाइन में लीकेज के कारण बीते साल कई वार्डों में डायरिया का संक्रमण फैला था। इस बात का ध्यान रखते हुए अमृत मिशन में तात्कालीन आयुक्त विनोद पांडेय ने कुछ संवेदनशील वार्डों में नई पाइप लाइन प्रस्तावित किया, जिसे पूरा होने में एक साल का समय लगेगा। पीएचई के ईई संजय सिंह बताते हैं कि वितरण व्यवस्था में वाल्व और टोटी लगे होने के बाद भी 10 प्रतिशत का लॉस होता है। ऐसे में यदि नल खुले हो और सुबह शाम पानी व्यर्थ बह रहा हो तो नुकसान 30 से 50 प्रतिशत होता है। इसकी केपिसिटी पाइप की मोटाई और फोर्स से मापी जाती है, इसे रोकने के लिए बेहतर वितरण व्यवस्था ही एक मात्र उपाय है।

गर्मी में पानी की किल्लत न हो इसलिए हम सतत प्रयास कर रहे हैं। गर्मी में बेहतर सप्लाई के लिए हम पुराने फिल्टर प्लांट में लगे 175 एचपी का पंप और दो दो सौ एचपी के दो अतिरिक्त पंप नए फिल्टर प्लांट में लगा रहे हैं, इसके अलावा मेंटेनेंस विभाग को भी लीकेज आदि की शिकायत पर त्वरित मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।

रमेश जायसवाल, आयुक्त नगर निगम