जेतली की चुटकी- मोदी न होते तो विपक्ष के 90 फीसदी भाषण हो जाते खत्म

ब्लॉग के जरिए अक्सर विपक्ष पर हमला बोलने वाले अरुण जेतली ने एक बार भाजपा विरोधी पार्टियों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने तंज कसते हएु कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटा दिया जाए, तो विपक्षी पार्टियों के 90 फीसदी भाषण खत्म हो जाएंगे।

जेतली ने कांग्रेस के घोषणापत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो वह 72 साल में नहीं कर पाए उसे इस घोषणापत्र में डाल दिया है। आखिर कौन उस पर विश्वास कर सकता है। उन्होंने कहा कि 1952 के पहले आम चुनाव के लिए 1951 में आये कांग्रेस घोषणापत्र में गरीबों को आर्थिक मदद की बात कही गयी थी और बाद में 2004 एवं 2009 के उसके घोषणापत्रों में भी आजीविका समर्थन योजना लाने की बात कही गयी लेकिन वे वादे नहीं निभाये गये।

भाजपा नेता ने कहा कि चुनाव से पहले पूरा फोकस नेता पर ही होता है, फिर चाहे वह 1998-99 का चुनाव हो या इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के दौर का चुनाव हो। उन्होंने कहा कि देश में एक ऐसा परिवार है जिसे लगता है कि सिर्फ वह ही इस देश पर राज कर सकता है और वह किसी और को सत्ता में नहीं देख सकता है। जेतली ने कहा कि सांसद की प्रक्रिया के दौरान यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी पेपर फाड़ रही थीं, जब मैं राफेल के मुद्दे पर बोल रहा था। इसके अलावा राहुल गांधी पार्लियामेंट के चेंबर में सांसदों के साथ सेल्फी क्लिक कर रहे थे।

वित्त मंत्री ने रॉबर्ट वाड्रा के कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान में भाग लेने की घोषणा पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि इससे कांग्रेस को अधिक लाभ होगा या भाजपा को। मैं नहीं जानता कि यह कांग्रेस पार्टी के प्रचार के लिए फायदेमंद होगा या भाजपा के प्रचार अभियान के लिए। उन्होंने कहा कि सरकार के भ्रष्टाचार के काले धन को चुनावों में राजनीतिक ढंग से सफेद किया जाता है। भाजपा इसीलिए चुनावी बॉण्ड या चेक पर जोर देती है।