BJP में बुजुर्गों की अहमियत नहीं, ताई को दूध में से मक्खी की तरह किया बाहर- PWD मंत्री

उज्जैन: लोकसभा स्पीकर और इंदौर सांसद सुमित्रा महाजन के चुनाव न लड़ने की घोषणा के बाद सियासत गरमा गई है। आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है। विपक्ष लगातार बीजेपी पर हमले बोल रहा है । इसी क्रम में प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने पार्टी पर निशाना साधा है। वर्मा ने कहा कि भाजपा में बुजुर्गों की कोई अहमियत नहीं है। जिन लोगों ने अपने खून-पसीने से सींचकर भाजपा के पौधे को वट वृक्ष बनाया, उन्हें दूध में से मक्खी की तरह निकालकर फेंका गया है।

गौरतलब है कि शनिवार को उज्जैन का दौरा करने जिले के प्रभारी मंत्री वर्मा यहां पहुंचे थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को टिकट न मिलने के सवाल का जबाव देते हुए कहा कि बीजेपी में बुजुर्गों की कोई अहमियत नहीं है। जिन लोगों ने अपने खून-पसीने से सींचकर भाजपा के पौधे को वट वृक्ष बनाया, उन्हें दूध में से मक्खी की तरह निकालकर फेंका गया है। सुमित्रा महाजन ताजा उदाहरण हैं। इसके पहले लालकृष्ण आडवानी, यशवंत सिंह, शत्रुघ्न सिन्हा, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह की वैल्यू पार्टी में जीरो की जा चुकी है।

वर्मा ने बीजेपी को आड़ो हाथ लेते हुए कहा कि बीजेपी कब्जाधारी, तानाशाह पार्टी है। बीजेपी ने उनके पुरोधाओं को मिटाने का षड्यंत्र किया है। अमित शाह और मोदी ने पार्टी पर कब्जा कर लिया है। पार्टी के किसी बड़े नेता को ताई से बात करनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता तो यह पार्टी के लिए विकट स्थिति है। बीजेपी का ताई के साथ ऐसा व्यवहार इंदौरवासी देख रहे हैं, जिसका जवाब वे लोकसभा चुनाव में देंगे। निश्चित ही इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा। सुमित्रा महाजन की जगह बीजेपी किसी को भी प्रत्याशी बनाए, वह जीत नहीं पाएगा।