टोंक-सवाई माधोपुर में कोई लहर नहीं, पानी, बजरी और बेरोजगारी ही बड़ा मुद्दा

गणेश योगी 

टोंक-सवाई माधोपुर सीट से जुड़े इलाकों में पानी की किल्लत, बजरी पर रोक और बेरोजगारी ही बड़े चुनावी मुद्दे हैं। टोंक में 48 घंटे में एक बार पानी आता है। सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी के कई इलाकों में तीन-तीन दिन में एक बार पानी मिलता है। मिर्जापुर और अंबेडकर कॉलोनी में 500 घरों की बस्ती के लिए एक नल है, उसमें भी खेंचू लगाना पड़ा है, ताकि पानी आए। दोपहर 2 बजे अंबेडकर भवन के पास नल पर कतार में खड़ी कलावती, नर्मदा, लक्ष्मी और गुलाब बाई ने बताया- पूरी जिंदगी पानी के लिए भटकते बीत गई, घर में पानी जाने कब आएगा। इस बार उसे वोट देंंगे, जो पानी लाएगा।

निवाई की 2000 घरों वाली मदारी बस्ती के ईशाक खान कहते हैं- कॉलोनी टैंकरों के पानी पर निर्भर हैं। मौजूदा सांसद तो यहां कभी आए ही नहीं। इस बार पूरा हिसाब लेंगे। देवली उनियारा विधानसभा क्षेत्र के ककोड़ गांव में बुजुर्ग बन्नालाल, रतनलाल, शंकर लाल और प्रभुलाल बोले- 200 गांवों की लाइफ लाइन बीसलपुर नहर है, सूखी पड़ी है। सिंचाई दूर पीने का पानी भी नहीं है। टोंक में रेल सबसे बड़ा मुद्दा है। 10 साल से इसकी बात हो रही है। राजनेता इस मुद्दे को भुना रहे हैं।

चेजा-पत्थर की दुकान पर बैठे बुजुर्ग सुवालाल रैगर, रामेश्वर माली ने बताया- पहले यहां 500 से 700 रु. में बजरी का ट्रैक्टर मिल जाता था। आज 3500 रु. में भी नहीं मिलता। गांव के ज्यादातर लोग बजरी परिवहन से जुड़े थे। बजरी खनन पर बैन से रोजगार छिन गया। टोंक, मालपुरा, देवली-उनियारा, सवाई माधोपुर, गंगापुर, बामनवास और खंडार विधानसभा क्षेत्रों में भी यही हाल है। खंडार के जैतपुर गांव के छीतर खां, फारुख खां और छाण गांव में रामदयाल प्रजापति और मेघराज बोले- बजरी पर रोक के बाद हर गांव से बड़ी तादाद में पलायन हुआ है। जो भी सरकार रोजगार देगी, हम उसी का साथ देंगे। भाजपा ने भले ही इस बार अपने संकल्प-पत्र से गाय को गायब कर दिया हो। रणथंभौर अभयारण्य क्षेत्र के नजदीकी 100 से ज्यादा गांवों में गाय-भैंस मुद्दा है, इन्हें बाघ खा रहे हैं।

कांग्रेस : इस बार पांचों मीणा बंधु और पांचों विधायक साथ
हरीश चंद्र मीणा पिछली बार अपने बड़े भाई नमोनारायण मीणा को हराकर भाजपा से सांसद बने थे। इस बार हरीश मीणा कांग्रेस के देवली-उिनयारा से विधायक हैं और अपने बड़े भाई की जीत के लिए जुटे हैं। छोटे भाई ओमप्रकाश मीणा और भवानी सिंह भी प्रशासनिक सेवा से रिटायर होकर बड़े भाई के प्रचार में लग गए हैं। सबसे छोटे भाई धर्म सिंह भी जीत के लिए जुट गए हैं। इस क्षेत्र के पांच अन्य कांग्रेस विधायक भी साथ हैं। नमोनारायण बामनवास के हैं। किसान रामेश्वर मीणा ने कहा- पूरा गांव उनके समर्थन में हैं। क्योंकि यह हमारे गांव की प्रतिष्ठा का सवाल है।

भाजपा : सवाई माधोपुर में बदलाव से बगावत, टोंक में मान-मनौव्वल
भाजपा में इस बार सुखबीर सिंह जौनपुरिया की राह में संगठन ही बड़ा रोड़ा बन गया है। टोंक में नामांकन से पहले तक पार्टी दो धड़ों में बंटी थी। अब पार्टी एकजुट दिख रही है। सवाई माधाेपुर में हाल में सांगठनिक बदलाव के बाद एक गुट नाराज है।