आरपीएफ जवानों को एयर ट्रेवल की छूट, वंदे भारत ट्रेन के बाहर लगेंगे हाई रेजोलुशन कैमरे

युधिष्ठिर भूदंड 

जोधपुर . पुलवामा हमले और जम्मू-कश्मीर में बढ़ते रेल नेटवर्क को देखते हुए अब रेलवे ने अपनी प्रोटेक्शन फोर्स को भी सुरक्षित लाने व पहुंचाने के लिए जवानों को एयर ट्रेवल की छूट दी है। इधर, भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन को पत्थरबाजों से बचाने के लिए रेलवे ट्रेन के बाहर हाई स्पीड व हाई रेजोलुशन के कैमरे लगाएगा, ताकि पत्थर फेंकने वाले बदमाशों की पहचान हो सके।जम्मू-कश्मीर सेक्टर में रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा के लिए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स व रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स की चार कंपनियां तैनात की हुई हैं। पुलवामा हमले के बाद रेलवे मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से विचार-विमर्श के बाद एक कंपनी और बढ़ा दी। इस बीच, इस बात पर भी चर्चा हुई कि रेलवे फोर्स के जवान भी सड़क या रेल मार्ग से जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में आवागमन करते हैं। ऐसे में आतंकी इन्हें भी निशाना बना सकते हैं। रेलवे में फिलहाल उच्च स्तर के अधिकारियों को ही हवाई यात्रा की मंजूरी होती है।

रेलवे बोर्ड ने आरपीएफ के जवानों को भी एयर ट्रेवल की छूट देने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड के उप निदेशक वित्त (संस्थापन-1) जितेंद्र कुमार ने सभी जोन रेलवे महाप्रबंधक को इस फैसले के बारे में निर्देश जारी किया कि अब आरपीएफ जवानों को जम्मू-कश्मीर सेक्टर में आवाजाही के लिए 31 मार्च 2020 तक एयर ट्रेवल की अनुमति दी है।

इधर, नई दिल्ली व वाराणसी के बीच दौड़ रही सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत के अब तक 12 मर्तबा कांच तोड़ने की घटनाएं हो चुकी हैं। रेलवे इस ट्रेन को राजधानी व शताब्दी से तब्दील करना चाहता है, लेकिन पत्थरबाजों की हरकतों से रेलवे भी परेशान है। इस ट्रेन के अंदर तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन बाहर की सुरक्षा संभव नहीं हो सकी है।

ऐसे में अब रेलवे ने तय किया है कि ट्रेन के बाहर दोनों तरफ भी कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे इतने सक्षम होंगे कि 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ती ट्रेन के आसपास के दृश्य को स्पष्टता के साथ रिकाॅर्ड कर सकेंगे। इनकी मदद से आरपीएफ व जीआरपी उन पत्थरबाजों की शिनाख्त करने की कोशिश करेगी जो ट्रेन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।