दिनदहाड़े घर में घुस चाबी से आलमारी खोल 5.50 लाख रुपए व दो सोने की चूड़ियां चुराई

मनोहर कुमार पारीक 

कोतवाली से सौ मीटर की दूरी पर बजाज भवन के सामने दिनदहाड़े सूने मकान में घुसकर 20 मिनट में चोर चाबी से अलमारी खाेलकर 5.50 लाख रुपए और दो सोने की चूडिय़ां निकाल कर ले गए। पीड़ित घर के नीचे स्थित अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। दिनदहाड़े चोरी की सूचना मिलने पर कोतवाली थाने से एएसआई मदनलाल जाप्ते के साथ पहुंचे। मौके पर फिंगर प्रिंट टीम भी पहुंची। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पीड़ित नरेश कुमार चौकडीका पुत्र राधेश्याम निवासी बजाज भवन के सामने रहते हैं। उन्होंने मकान में ही गैस रिपेयरिंग की नवीन गैस एजेंसी कर रखी है। वह दोपहर को दुकान पर ही बैठे हुए थे। करीब पौने तीन बजे वह दुकान से निकल कर मकान में गए। मकान में बाहर के गेट पर कुंडी लगी हुई थी। दरवाजे की कुंडी खोल कर वह अंदर गए। अंदर कमरे में गए तो अलमारी खुली हुई मिली। अलमारी में रखे साढ़े पांच लाख रुपए और दो सोने की चूड़ियां गायब थीं। उन्होंने प|ी को फोन कर रुपयों के बारे में पूछा तो वह भी रुपए नहीं मिलने पर घबरा गई। कुछ ही देर में वह वापस आ गई। चोरी की घटना का पता लगने पर आस पड़ोस के लोग भी जमा हो गए। चोरी की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर फिंगर प्रिंट टीम को भी बुलाया। एएसआई मदनलाल ने बताया कि जिस तरह से वारदात हुई है उससे लग रहा है कि किसी करीबी ने ही चोरी की वारदात है। फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं।

मकान बनाने के लिए बड़े भाई से लिए थे 3 लाख रुपए

नरेश कुमार ने बताया कि पहले वह इसी मकान में रहते थे। सात महीने पहले वह बालूराम कंपाउंडर की गली में नए मकान में शिफ्ट हो गए थे। वह अब दोबारा से मकान में कुछ निर्माण करवा रहे थे। दुकान व खुद के ढाई लाख रुपए रखे हुए थे। उन्होंने तीन लाख रुपए बड़े भाई से उधार लिए। बड़े भाई मकान के ऊपर ही परिवार के साथ रहते हैं। उनकी पास में दुकान है। नरेश ने बताया कि मकान के पास किसी को भी आते-जाते नहीं देखा। उनकी प|ी दोपहर को खाना लेकर आई थी और सवा दो बजे वापस गई थी। प|ी के जाने के बाद चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।

इन कारणों से किसी परिचित पर ही वारदात का शक

1. चोर मकान में ही मुख्य दरवाजे के पास खिड़की पर 50,100 के कई नोट व बैग छाेड़ कर चले गए। खास बात यह है कि ये नोट भी आलमारी में ही थे, जिन्हें चोर बाहर रख गए।

2. चोरों ने अलमारी को नहीं तोड़ा, चाबी से खोल कर रुपए निकाले।

3. परिवार के लोगों की आसपास में दुकान है। किसी ने भी किसी संदिग्ध व्यक्ति को नहीं देखा। रुपए मकान में रखे होने की जानकारी आरोपियों को कैसे मिली।

4. चाबी पास में ही दराज में रखी हुई थी। चाबी के बारे में चोरों को कैसे पता लगा?