16 साल से भैंस चाेरी के मामले में फरार था वारंटी

यासमीन सिद्दकी 

भैंस चोरी के मामले में 16 साल से फरार एक ऐसे स्थाई वारंटी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो पकड़े जाने के डर से अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। आरोपी अपने परिवार में हुए शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर आया था, तभी मुखबिर की सूचना पर स्पेशल टीम ने उसे पकड़ लिया।

राजस्थान के सुहाड़लिया गांव के रहने वाले 44 वर्षीय फूलसिंह पुत्र मांगीलाल तंवर के खिलाफ ब्यावरा कोर्ट से 2003 में हुई भैंस चोरी के मामले में स्थाई वारंट जारी हुआ था। वारंटी व फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए बनाई गई टीम के प्रभारी एसआई वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि वारंट जारी होने के बाद अारोपी राजस्थान के झालावाड़ व मप्र में अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था।

वारंट के बाद से ही आरोपी अपने गांव अाैर परिवार से मिलने नहीं गया था। बीते माह प्रयाग राज में लगे कुंभ में आरोपी को उसे गांव के कुछ परिचित मिल गए थे, जहां आरोपी ने उन्हें पहचान कर अपने घर व परिवार की जानकारी ली थी, तभी उसे पता चला था कि उसके परिवार में शादी है।

पहचान छिपाकर झालावाड़ के होटलों में काम किया, फिर साधु के भेष में रहने लगा, प्रयाग के कुंभ में पता चला परिवार में शादी है तो शामिल होने आ गया, पुलिस ने घर से किया गिरफ्तार

चालाक बदमाश: 2003 में हुई भैंस चोरी की घटना में फरार स्थाई वारंटी को स्पेशल टीम ने मुखबिर की सूचना पर राजस्थान के सुहाड़लिया गांव से पकड़ा

5 साल होटलों पर काम किया, पहले हलवाई फिर रख लिया साधु का भेष

स्पेशल टीम के प्रभारी श्री धाकड़ ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह हर बार अपनी पहचान छुपाता रहा। पहले तो 2003 से 2010 तक लगातार पांच साल वह राजस्थान के झालावाड़ बस स्टैंड पर एक होटल पर झाडू, पोंछा और सफाई का काम करता रहा। इस दाैरान उसने हलवाई का सीखा अाैर दाे साल तक मिठाइयां बनाईं। इसके बीच पकड़े जाने के डर से अपनी दाढ़ी व मूंछें बढ़ा ली थी। इसके बाद वो साधु के भेष में पीला कुर्ता और धाेती पहनकर मंदिरों में रहने लगा। साधु बनने के बाद वह कभी मप्र तो कभी राजस्थान के कई मंदिरों में घूमता रहा। इस दौरान उसके कई धार्मिक यात्राएं भी की।

कुंभ में मिल गए थे गांव के कुछ परिचित, उन्हीं से पता लगा कि परिवार में शादी है, इसलिए आया

पुलिस ने बताया कि वारंट जारी होने के बाद से ही आरोपी अपने घर एवं परिवार से मिलने नहीं गया। इसके बाद बीते 4 मार्च तक प्रयागराज में आयोजित हुए कुंभ मेले के दौरान उसे वहां अपने गांव के कुछ लोग मिल गए थे, जिन्हें पहचानने के बाद आरोपियों ने अपना पूरा परिचय देकर उससे मुलाकात की थी। आरोपी को परिचितों ने उसके घर में 11 अप्रैल को शादी होने की बात कही थी। इसके बाद आरोपी साधु के वेश में ही अपने घर आया था।

गांव अाकर अपनी दाढ़ी-मूंछें भी कटवा ली थीं

गांव आकर आरोपी ने अपनी दाढ़ी व मूंछें कटवा दी थी। इसके बाद किसी ने आरोपी के 16 साल बाद लौटकर आने की सूचना पुलिस को दे दी। सूचना पर पहुंची स्पेशल टीम ने आरोपी को उसी के घर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी में दिनेश गुर्जर, अशोक कटारिया, मुहीन अंसानी, हरि पुरी गोस्वामी आदि की अहम भूमिका रही।

उधर, 22 साल से फरार एक अन्य वारंटी भी गिरफ्तार

वहीं स्पेशल टीम ने सोमवार को कालीपीठ थाने के धीरगढ़ गांव के रहने वाले 52 वर्षीय ऊंकारलाल पुत्र किशनलाल तंवर को भी गिरफ्तार किया है। इसके खिलाफ भी ब्यावरा थाने में वर्ष 1997 के चोरी के मामले में वारंट जारी था। आरोपी की तलाश में गांव पहुंची टीम ने आरोपी को उसी के घर से गिरफ्तार किया है। ये आरोपी भी लंबे समय से फरार चल रहा था, लेकिन उसकी तलाश में पहुंची पुलिस को आरोपी मिल नहीं पा रहा था ऐसे में स्पेशल टीम ने उसे पकड़ लिया।