जीत-हार में इस बार महिला मतदाताओं की भूमिका अहम, सोशल मीडिया पर भी प्रचार बैन

निताबेनिबॉगडे 

नागपुर। नागपुर लोकसभा के लिए गुरुवार को मतदान करने वाले कुल 21, 60232 मतदाताओं में महिलाओं की संख्या 10,62838 है। यानी मतदाताओं की कुल संख्या के हिसाब से आधे से कुछ ही कम। तय है कि महिलाएं जीत-हार में अहम भूमिका निभाने जा रही हैं। इसके बावजूद नागपुर की महिलाएं अपने इस संवैधानिक अधिकार के लिए खास जागरूक नहीं नजर आती हैं। मतदान के एक दिन पहले तक नागपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों से लेकर महिलाओं में खास जागरूकता नजर नहीं आई। राजनीतिक दलों से जुड़ी महिलाएं, विभिन्न दलों की महिला कार्यकर्ताओें को छोड़ दें, तो राजनीति के प्रति महिलाओं की उदासीनता साफ नजर आई। कुछ हद तक शिक्षित व कामकाजी महिलाओं के अलावा बड़ी तादाद में महिलाएं प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवारों तक से भी अनजान नजर आईं। छोटे-मोटे काम करने वाली महिलाओं ने कहा- वोट जरूर डालेंगी, बताती भी हैं अमुक को करेंगी, पर उम्मीदवार कौन है, ये मालूम नहीं है। गृहिणियां यह कहने से कतराती नजर आईं कि जिसे पति कहंेगे, उसे वोट करेंगी, पर किसे वोट करेंगी, यह पूछने पर जबाव मिला-अभी तय नहीं किया है। साफ है निर्देश के अनुसार ही मतदान होगा। कई महिलाओं ने संवाददाता से ही पूछा कि किसे वोट करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि देश के आजाद होने के बाद 1952 में हुए प्रथम लोकसभा चुनाव में नागपुर सीट से एक महिला अनुसूया काले ने चुनाव जीता था।

पार्टी को मतदान, उम्मीदवार कौन पता नहीं 

घाट रोड पर चाय बेचने वाली देवकी पटेल कहती हैं वोट तो करना ही है। दल विशेष के चुनाव चिह्न का जिक्र करते हुए कहा-इसी को करना है। हालांकि पूछने पर कि पार्टी से कौन खड़ा है, नाम नहीं बता पाईं। पर यह भी कहा कि कोई भी जीते हम गरीबों को क्या मिलने वाला है।

परिजन की राय के बाद तय करेंगी -फोटो-करुणा शेंडे

सड़क के किनारे नींबू शर्बत का ठेला लगाने वाली इमामवाड़ा की करुणा शेंडे कहती हैं वोट तो करना ही है। हर चुनाव में मतदान करने का दावा करने वाली करुणा, किसे वोट करेंगी पूछने पर बोलती हैं, बस्ती में अब तक कोई आया नहीं है। परिजनों से चर्चा कर फैसला करेंगी कि किसे वोट देना है।

एक ही प्रत्याशी का नाम मालूम-प्रमिला लोखंडे

वाड़ी निवासी और गृहिणी प्रमिला लोखंडे को सिर्फ एक प्रत्याशी के ही बारे में चुनाव लड़ने की जानकारी है। इसके अलावा और कौन पार्टियां हैं। किस पार्टी का कौन उम्मीदवार है, उनको इसकी जानकारी नहीं है

नागपुर लोकसभा सीट से पहले चुनाव में महिला बनीं थी सांसद

पहले आम चुनाव के साथ ही नागपुर लोकसभा सीट भी अस्तित्व में आई थी और कांग्रेस की अनुसूया बाई काले यहां की पहली सांसद बनीं। वो 1956 के दूसरे लोकसभा चुनाव में भी जीत दर्ज करने में कामयाब रहीं। 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में अस्थी और चिमूर में पुलिस ने आदिवासियों पर बड़े अत्याचार किए थे, जिसमें सात गोंडो को फांसी की सजा हुई थी। अनुसूया बाई के प्रयत्न से ही उन्हें मृत्युदंड से बचाया जा सका था। अनुसूया बाई काले महाराष्ट्र की प्रमुख राष्ट्रीय कार्यकर्ता और महिला आंदोलन की प्रमुख नेत्री थीं और 1952 में राष्ट्रमंडल सम्मेलन में भारत के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में कनाडा की यात्रा की थी। उनका जन्म 1896 में बेलगाम में हुआ था। उनके पिता सदाशिव वी. भाटे वकालत करते थे। अनुसूया की शिक्षा फर्ग्यूसन कॉलेज, पुणे और बड़ौदा में हुई। 1916 में पी.बी. काले से विवाह हो जाने के कारण उनकी आगे की शिक्षा का क्रम टूट गया। फिर भी उन्होंने सार्वजनिक जीवन में बराबर भाग लिया। 1928 में ‘सेंट्रल प्रोविन्सेज’ की लेजिस्लेटिव कौंसिल की सदस्य मनोनीत हुईं। 1937 में वे मध्य प्रदेश और बरार विधान सभा की सदस्य निर्वाचित हुईं और उपसभापति बनाई गईं।

सोशल मीडिया पर भी प्रचार होगा बैन

चुनाव आयोग के निर्देशानुसार रामटेक व नागपुर लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों के समर्थन में किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार पर चुनाव से करीब 48 घंटे पहले रोक लगाई गई है। उल्लंघन करने पर जनप्रतिनिधि अधिनियम 126 (1)(बी) के तहत संबंधित पार्टी व समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी कार्यालय ने दी है।

जरूरी सेवा छोड़कर सभी आस्थापना बंद : अपर कामगार आयुक्त

नागपुर. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गुुरुवार 11 अप्रैल को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत जरूरी सेवा प्रदाता दुकानें व संस्थान छोड़कर सभी आस्थापना सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहेगी। गुरुवार को बंद दुकानों व आस्थापना के कर्मियों की वेतन में कटौती नहीं करने के निर्देश अपर कामगार आयुक्त ने दिए। यदि किसी संस्थान का छुट्टी देना संभव नहीं है, तो मतदान के लिए कर्मियों को दो घंटे की मोहलत देनी होगी। लेकिन इसके लिए संस्थान को मनपा आयुक्त व जिलाधिकारी से पूर्व इजाजत लेना जरूरी होगा। इस संबंध में कामगार व संगठना की कोई भी शिकायत हो तो संबंधित कामगार कार्यालय, उपसंचालक, औद्योगिक सुरक्षा संचालनालय से संपर्क कर सकते हैं।

47 नए सहायक मतदान केंद्र को आयोग की मान्यता

नागपुर व रामटेक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 1400 से ज्यादा मतदाता वाले केंद्र में नए 47 सहायक मतदान केंद्र को चुनाव आयोग से मान्यता मिलने की जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी अश्विन मुदगल ने दी है। नए सहायक मतदान केंद्र में नागपुर लोकसभा क्षेत्र में 28 केंद्र का समावेश है।
-दक्षिण-पश्चिम विधानसभा मतदान क्षेत्र में सहायक मतदान केंद्र में 118-अ सुभाष नगर, 121- अ सुभाष नगर, 170-अ खामला, 174-अ स्वावलंबी नगर, 201-अ जयताला, 319-अ जोगीनगर।
-दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 169-अ मानेवाड़ा, 262-अ दिघोरी, 290-अ म्हालगी नगर, 344-अ मानेवाड़ा।
-पूर्व नागपुर में 67-अ पारडी, 104-अ पुणापुर
-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 195-अ गड्डीगोदाम केंद्र
-उत्तर नागपुर में 5-अ नारा, 6-अ नारा, 27-अ नारी, 37-अ नारी, 40-अ नारी, 70-अ नागसेन नगर, 146-अ नारी, 154-अ चाॅक्स कालोनी, 159-अ सिद्धार्थ नगर, 161-अ सिद्धार्थ नगर, 178-अ रानी दुर्गावती नगर, 184-अ यशोधरा नगर, 186- यशोधरा नगर व 248-अ यशोधरा नगर का समावेश है।