तीन साल पहले रतनूपुरा पर ट्रांसपोर्ट नगर के लिए दिखाई 5 बीघा जमीन, वहां बना दिए पीएम आवास

आरती शर्मा 

शहर में अलग से ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किए जाने के लिए लंबे समय मांग उठ रही है। लेकिन नगरपालिका प्रशासन ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बना पा रहा है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2011 में नगर पालिका ने ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने के लिए जिला प्रशासन से लश्कर रोड पर लावन गांव की नहर के पास जमीन मांगी थी। उस समय अफसरों ने नहर के पास ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने के लिए जमीन भी देखी। लेकिन उस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। नगर पालिका ने दोबारा इस दिशा में कार्रवाई की। प्रशासन से जमीन मांगी गई, जिसके बाद प्रशासन ने नगरपालिका को रतनू पुरा पर जमीन मुहैया करा दी। पर इस मामले में आगे की कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण शहर में ट्रांसपोर्ट नगर विकसित नहीं हो सका है।

हाउसिंग काॅलोनी में संचालित ट्रांसपोर्ट एजेंसी का रोड पर रखा सामान।

कॉलाेनी और सड़क पर चल रही हैं ट्रांसपोर्ट एजेंसिया, शहर में आते हैं भारी वाहन

शहर के हाउसिंग कॉलोनी, महावीर गंज, इटावा रोड, बंगला बाजार, इटावा रोड, लश्कर रोड, बजरिया, किला रोड आदि इलाकों में 180 से ज्यादा ट्रांसपोर्ट एजेंसियां संचालित हो रही हैं, जिनसे प्रतिदिन दिल्ली, आगरा, ग्वालियर, मुरैना, मुंबई, इंदौर सहित अन्य महानगरों के लिए हर दिन माल आता जाता है। वहीं दिन के समय इस माल की सप्लाई के दिन भारी वाहनों का शहर के अंदर आवागमन रहता है।

हर बार आश्वासन मिला लेकिन जगह नहीं मिली

हम लोग लंबे समय से ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की मांग करते आ रहे हैं। तीन साल पहले रतनू पुरा में जगह दिखाई गई तो लगा कि अब हमारी लंबी लड़ाई खत्म हो जाएगी। लेकिन वहां पर पीएम आवास बनने के बाद हमारा सपना टूट गया। पिछले आठ साल से अधिकारी जगह दिखाने के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं। शशिभूषण सिंह चौहान, अध्यक्ष जिला ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन भिंड