हाईकोर्ट में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल करेंगे प्रवीण कक्कड़ की ओर से पैरवी

तेजकरण (राजू) मोर्या

इंदौर. आयकर विभाग द्वारा 46 घंटे की कार्रवाई के खिलाफ सीएम कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ ने मंगलवार को हाईकोर्ट में कार्रवाई के खिलाफ एक याचिका दायर की है। कोर्ट याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करेगी। कक्कड़ की ओर से वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल पैरवी करेंगे।

पूरे मामले में कक्कड़ ने कहा कि मैं सीएम का ओएसडी हूं उनके साथ काम कर रहा हूं, इसलिए मुझे टारगेट किया गया, सभी जगह छापे सीएम के नजदीक वालों पर ही पड़े। मुझे भी राजनीतिक रूप से टारगेट किया गया, जिससे सीएम को परेशान किया जा सके। यह लड़ाई उच्च स्तर की है। मंगलवार को प्रशासनिक जज एससी शर्मा की डिविजन बेंच ने कक्कड़ की याचिका को सुनने से इनकार कर दिया। इसके बाद जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव अाैर जस्टिस विवेक रुसिया की नई डिविजन बेंच बनाई गई। जो गुरुवार को इस पर सुनवाई करेगी।

प्रवीण कक्कड़ ने कहा – रात 3 बजे दरवाजे तोड़ मेरे घर में घुसा गया, यह तरीका गलत है। मैं जांच- गिरफ्तारी से नहीं डरता। ट्रांसफर-पोस्टिंग से मेरा वास्ता नहीं है। मेरा बेटा ही कंपनियां चलाता है, मैं किसी पार्टी का सदस्य नहीं हूं, मेरे सभी वर्गों-दलों से संबंध हैं।

भाजपा की मांग; एसएसपी ने जांच में बाधा डाली, तबादला किया जाए : इधर, भाजपा नेताओं ने एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र पर प्रदेश सरकार के इशारे पर आयकर कार्रवाई में बाधा डालने का आरोप लगाया है। नेताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत करते उनके तबादले की मांग की।

क्या है मामला : रविवार रात 3 बजे दिल्ली आयकर विभाग की टीम ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के घर और ऑफिस में दबिश दी थी। यह कार्रवाई 46 घंटे तक चली थी। टीम को कक्कड़ के बैंक लॉकर में 48 लाख रुपए और घर से 30 लाख की ज्वेलरी मिली थी। इसके बारे में कक्कड़ के सीए का कहना है कि सारी ज्वेलरी रिर्टन में शो की गई है।

आयकर विभाग ने 2 लाख में बुक किए थे वाहन : उधर, आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर खुलासा हुआ कि विभाग की एक टीम कुछ महीने पहले इंदौर में सर्वे करने आई थी, जिसके बाद ही पूरी प्लानिंग तैयार हुई। टीम ने इंदौर में एक साथ 10 ठिकानों पर सर्वे की कार्रवाई  की थी। टीम ने कार्रवाई के लिए दो दिन के लिए 25 वाहन 2 लाख रुपए में बुक किए थे।

कार्रवाई वाली रात सभी आयकर अधिकारी इंदौर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सांवेर रोड पर एकत्रित हुए थे। यहां पर ज्वाॅइंट कमिश्नर के अलावा सभी अधिकारियों के मोबाइल बंद करवा दिए गए थे। यहां से सभी अधिकारियों को सिर्फ लोकेशन बताकर भेजा गया था, इस दौरान उन्होंने किसी का नाम नहीं बताया था। इसके बाद रात 3 बजे एक 50 से ज्यादा अधिकारियों के साथ साथ सभी जगह कार्रवाई शुरू की गई।