घर में दफन मासूम मांग रहा था इंसाफ, आठ साल बाद बाहर आया सच तो उड़ गए सबके होश

श्रीमती विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव

बांदा, ये बिल्कुल सच है कि नीचे की अदालत को गुमराह कर भले ही लोग बच जाएं लकिन ऊपर वाले की अदालत में न्याय जरूर मिलता है। इस बात की पुष्टि सहेवा गांव की घटना ने कर दी है, आठ साल से एक घर के अंदर दफन मासूम को आखिर इंसाफ मिला और उसकी हत्या का सच बाहर आया तो सभी के होश उड़ गए। अगवा हुए बेटे की याद में रो रोकर आंखों से आंसू सुखा चुके माता-पिता भी हकीकत सुन अवाक रह गए। ऊपर वाले का इंसाफ देखये घटना को भुला चुके लोगों के सामने आठ साल बाद दो सगे भाइयों की लड़ाई ने अगवा मासूम की हत्या का राज खोल दिया।
जानें, क्या हुआ था आठ साल पहले
गिरवां थाना क्षेत्र के सहेवा गांव में अगस्त 2010 को किसान राजू मिश्रा का छह वर्षीय पुत्र भोला मिश्रा अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इसी बीच वह गायब हो गया। दोपहर से रात तक खोजबीन के बाद जब उसका पता नहीं चला तो घरवालों ने पुलिस को सूचना दी। दो दिन जांच के बाद गिरवां पुलिस ने बयानों के आधार पर अपहरण और हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। राजू का आरोप था कि गांव में रहने वाले दुर्गा और हिदायत ने रंजिशन बच्चे का अपहरण कर हत्या कर दी लेकिन पुलिस न तो शव बरामद कर पाई और न ही कोर्ट में आरोप सिद्ध कर सकी। करीब दो वर्ष तक चली सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपितों को बरी कर दिया था।

दो सगे भाइयों की लड़ाई में बाहर आया सच
बीते गुरुवार की गांव में अलग-अलग रहने वाले सगे भाई अच्छेलाल और रंगीलाल में पारिवारिक विवाद के चलते झगड़ा होने लगा। काफी देर झगडऩे के बाद अच्छेलाल ने थाने जाकर रंगीलाल के घर में बच्चे का शव गड़ा होने की जानकारी दी। हत्या कर शव दफनाने की वारदात खुलने के बाद पुलिस ने रंगीलाल के घर खोदाई की तो बच्चे का कंकाल बरामद हुआ। कंकाल के ऊपर मिली टीशर्ट को देखकर राजू के घरवालों ने उसकी भोला के रूप में शिनाख्त की।
रो रोकर सूख गए परिजनों के आंसू
आठ साल से बेटे की याद में रो रोकर माता पिता के आंसू सूख गए थे। बेटे का कंकाल पड़ोसी के घर से आठ वर्ष बाद मिलने पर परिजनों में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। कंकाल के पास मिले कपड़े के टुकड़े को देखकर भोला के पिता ने बेटे का शव होना बताया। पिता राजू व परिजनों का कहना है कि शव न मिलने से इतने वर्षों बाद भी हत्यारों को सजा नहीं मिल सकी थी। भोला के चार बहनें शीलू, रीना, क्षमा व मीना हैं। वह चार बहनों में इकलौता भाई था। आठ साल बेटे का कंकाल बाहर आने पर मां चंद्रकली फिर एक बार रो रोकर बेहाल हो गईं। घटना की जानकारी के बाद अवाक ग्रामीणों ने कहा कि ऊपर वाले की अदालत में इंसाफ जरूर मिलता है।

तंत्र-मंत्र में हत्या का संदेह
घटना सामने आने के बाद गांव में तंत्र-मंत्र के चक्कर में मासूम की हत्या करने की चर्चा रही। आरोपित के घर से तंत्रमंत्र की किताबे मिली हैं। थानाध्यक्ष अरविंद त्रिवेदी का कहना है कि वारदात किसने और किस कारण अंजाम दी, इसके बारे में गिल्ला, रंगीलाल, अच्छेलाल व परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। तंत्रमंत्र के चक्कर में बच्चे की हत्या किया जाना लग रहा है। पुराने दर्ज मुकदमे में ही आगे विवेचना कर आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसमें अलग से मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। इससे इसी को आधार मानकर घटना की जांच की जा रही है।
8 अप्रैल को भी एक बच्चे को किया था अगुवा
पुलिस तक मामला पहुंचने के बारे में एक तरफ जहां मंगीलाल व उसके भाई अच्छेलाल के बीच घरेलू बातों को लेकर विवाद होना बताया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपित मंगीलाल आठ अप्रैल को भी गांव के एक बच्चे को अपने घर ले आया था। जानकारी होने पर उसके भाई अच्छेलाल ने किसी तरह बच्चे को बचाकर बाहर निकाला था। इसी बात को लेकर आरोपित ने भाई को धमकी दी थी कि वह उसके बच्चे की हत्या कर देगा। इसी बात से परेशान होकर आरोपित के भाई ने पुलिस के सामने जाकर पूरे रहस्य को उजागर कर दिया है।