‘राफेल’ नाम बना गांव वालों के लिए समस्या, सता रहा इस बात का डर

राफेल लड़ाकू विमान डील का मुद्दा इन दिनों देश की राजनीति में काफी गर्माया हुआ है। जहां विपक्ष राफेल डील के बहाने मोदी सरकार पर आरोप-प्रत्योप लगा रहा है और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चोर तक बोल दिया वहीं छत्तीसगढ़ का एक गांव ऐसा है जिनके लिए राफेल नाम समस्या बन गया है। दरअसल छत्तीसगढ़ के महासमुंद से करीब 135 किलोमीटर दूर एक गांव है जिसका नाम ही ‘राफेल’ है। अब इन लोगों के लिए गांव का नाम राफेल परेशानी का सबब बन गया है।

जेल में होंगे सारे गांव वाले
राफेल गांव के लोगों का कहना है कि जब से इस पर राजनीति शुरू हुई है आस-पड़ोस के लोग मजाक उड़ा रहे हैं। हमसे कई तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं कि अगर राहुल सत्ता में आए तो क्या इस गांव पर भी कोई कार्रवाई करेंगे क्योंकि इसका नाम राफेल है। पड़ोसी गांव के लोग यहां तक कह रहे हैं कि कांग्रेस सरकार के आने के बाद राफेल गांव के लोग जेल में होंगे। यह गांव काफी दूर-दराज में बसे होने के कारण जल्दी इस पर किसी का ध्यान नहीं जाता लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले राफेल लड़ाकू विमान पर शुरू हुए विवाद के कारण अब यह गांव काफी चर्चा में आ गया है।

बरसों से कोई विकास नहीं
गांववालों के मुताबिक राफेल पहले रायपुर जिले के अंदर आता था फिर 1998 में यह महासमुंद के अधीन चला गया। गांववालों का कहा है कि यहां बरसों से कोई विकास नहीं हुआ है। लोग खेती पर निर्भर करते हैं लेकिन खेती भी बारिश के सहारे ही होती है। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री कोई भी बने, हमें तो बस सिंचाई की व्यवस्था इस गांव में चाहिए। राफेल में दूसरे चरण में मतदान डाले जाएंगे। गांववालों ने कहा कि यहां अभी तक न तो भाजपा और न ही कांग्रेस का कोई नेता या उम्मीदवार चुनाव प्रचार करने को आया है।