लोकतंत्र के उत्सव में नारी शक्ति का जयघोष, जम्मू-पुंछ संसदीय सीट पर महिलाओं ने किया अधिक मतदान

राजेन्द्र भगत 

जम्मू,  भले की सियासी दल महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने में परहेज करें, लेकिन अब नारी शक्ति ने ठान लिया है कि उनके बिना न कोई सरकार बना पाएगा और न ही लोकतंत्र के मंदिर की सीढिय़ां लांघ पाएगा। यही वजह है कि जम्मू-पुंछ संसदीय सीट के 20 विधानसभा क्षेत्रों में अधिकतर में महिलाएं न केवल खुलकर मतदान के लिए निकलीं बल्कि पुरुषों को भी काफी पीछे छोड़ दिया। खासकर युवा पीढ़ी में जागरूकता का जज्बा देखते ही बनता था। पोलिंग बूथ पर लगी कतारें भी कुछ ऐसा ही संदेश दे रही थी।

चुनाव आयोग द्वारा जुटाए गए आंकड़ों से यह निकलकर आया है कि अकसर गोलाबारी का सामने करने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकतर महिलाएं ही वोट डालने घरों से निकलीं। उनके बूते ही जम्मू-पुंछ सीट पर महिलाएं मतदान प्रतिशत में काफी आगे निकल गईं। बृहस्पतिवार को हुए मतदान में इस सीट पर कुल 14,47,395 वोट डाले गए। इसमें पुरुष वोटरों की संख्या 7,47,998 व महिला वोटरों की 6,99,397 रही। ऐसा तब है जब राज्य में ङ्क्षलगानुपात 1000 के पीछे 883 है। आंकड़ों के अनुसार 72.02 फीसद पुरुषों ने मतदान किया जबकि महिलाओं का वोट प्रतिशत 72.70 रहा।

यह सब तक है जब राज्य की सियासत में महिलाओं की अनेदखी होती रही है। अधिकतर राजनीतिक दलों ने टिकट देना तो दूर अपने घोषणापत्र में भी नारी शक्ति को खास तवज्जो नहीं दी थी। कांग्रेस ने जरूर महिलाओं को सरकारी नौकरी में 33 फीसद आरक्षण देने का वादा किया। बावजूद इसके शहर से लेकर गांवों की पगडंडियों पर भी अब नारी सशक्तीकरण की गूंज इस चुनाव में साफ सुनाई दी।

पाक गोलाबारी से सबसे प्रभावित प्रभावित राजौरी जिले के नौशहरा विधानसभा क्षेत्र में 37,710 महिलाओं ने वोट डाले, जबकि यहां 36, 423 पुरुषों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अखनूर विधानसभा क्षेत्र में 39,289 महिलाओं के मुकाबले 38,380 पुरुषों ने वोट डाले। सांबा जिले में प्रदेश में सबसे कम ङ्क्षलगानुपात है। यहां 1000 के पीछे 753 लड़कियां हैं। पर मतदान ने साबित कर दिया कि यह उनके नहीं समाज के पिछड़ेपन का सुबूत हैं और वह अपना दायित्व निभाने में बहुत आगे हैं। सांबा के विजयपुर विधानसभा में 43,785 महिलाएं वोट डालने के लिए आगे आईं, जबकि यहां 43,176 पुरुष मतदाताओं ने मतदान किया। सांबा विधानसभा क्षेत्र में भी टक्कर बराबर की रही। यहां 34,811 पुरुषों के मुकाबले 33,983 महिलाओं ने वोट दिए। जम्मू के गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र में 58, 321 महिलाओं ने वोट डाले, जबकि 59,534 पुरुष मतदाताओं ने मतदान किया। खास बात यह है कि किसी भी सियासी दल ने आज तक इस सीट पर महिलाओं को टिकट नहीं दिया। इस कारण इस सीट से कोई महिला जीतकर संसद नहीं पहुंच सकी।